भगवंत मान को हाईकोर्ट से बड़ी राहत, मानहानि केस में ट्रायल कोर्ट की पेशी पर लगी रोक; पंजाब सरकार और पूर्व AAP विधायक को नोटिस

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को मानहानि मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट से अंतरिम राहत मिली है। हाईकोर्ट ने मानसा की ट्रायल कोर्ट में चल रही कार्यवाही को चुनौती देने वाली उनकी याचिका पर सुनवाई करते हुए पंजाब सरकार और आम आदमी पार्टी के पूर्व विधायक नाजर सिंह मानशाहिया को नोटिस जारी किया है। सभी पक्षों को 18 अगस्त तक अपना जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए गए हैं।
दरअसल, मानसा की ट्रायल कोर्ट ने 2 अगस्त के आदेश में मुख्यमंत्री भगवंत मान को 18 अगस्त को व्यक्तिगत रूप से अदालत में पेश होने का निर्देश दिया था। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया था कि आगे किसी प्रकार की छूट नहीं दी जाएगी और अनुपस्थित रहने की स्थिति में उनकी जमानत भी रद्द की जा सकती है। इसी आदेश को चुनौती देते हुए भगवंत मान ने हाईकोर्ट का रुख किया।
हाईकोर्ट ने फिलहाल मुख्यमंत्री को राहत देते हुए उन्हें ट्रायल कोर्ट में व्यक्तिगत पेशी से छूट के लिए दोबारा आवेदन करने की अनुमति दी है। साथ ही मजिस्ट्रेट कोर्ट को निर्देश दिया है कि वह इस आवेदन पर कानून के अनुसार नए सिरे से विचार करे।
यह मामला 25 अप्रैल 2019 का है। उस समय आम आदमी पार्टी के विधायक रहे नाजर सिंह मानशाहिया कांग्रेस में शामिल हो गए थे। इसके बाद उन्होंने तत्कालीन संगरूर सांसद भगवंत मान के खिलाफ मानहानि की शिकायत दर्ज कराई थी। मानशाहिया का आरोप है कि भगवंत मान ने सार्वजनिक रूप से उन पर पैसे और पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का चेयरमैन बनने के लालच में पार्टी छोड़ने का आरोप लगाया था, जिससे उनकी छवि को नुकसान पहुंचा।
शिकायत के आधार पर ट्रायल शुरू हुआ था। इस दौरान भगवंत मान को जमानत मिलने के साथ व्यक्तिगत पेशी से छूट भी दी गई थी। हालांकि, बाद में ट्रायल कोर्ट ने यह छूट समाप्त कर उन्हें अदालत में पेश होने का निर्देश दे दिया। अब हाईकोर्ट के आदेश के बाद भगवंत मान ट्रायल कोर्ट में व्यक्तिगत पेशी से छूट के लिए नया आवेदन दाखिल कर सकेंगे। मामले की अगली सुनवाई 18 अगस्त को हाईकोर्ट में होगी।







