होर्मुज जलडमरूमध्य में तेल टैंकर पर मिसाइलनुमा हमला, लगी भीषण आग, ईरान बोला- चेतावनी नहीं मान रहा था जहाज

ओमान के तट के पास स्थित रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में मंगलवार तड़के एक तेल टैंकर पर प्रोजेक्टाइल से हमला होने के बाद उसमें भीषण आग लग गई। ब्रिटेन की समुद्री सुरक्षा एजेंसी यूके मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि हमला ओमान के लिमा क्षेत्र के निकट हुआ। राहत की बात यह रही कि आग पर काबू पा लिया गया और समुद्री पर्यावरण को कोई नुकसान नहीं पहुंचा।
हमले के बाद संदेह की निगाहें ईरान पर गईं। इसके बाद ईरान की सरकारी मीडिया ने दावा किया कि संबंधित तेल टैंकर को पहले कई बार चेतावनी दी गई थी, लेकिन उसने निर्देशों का पालन नहीं किया। ईरान ने हाल ही में होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों को केवल उसके निर्धारित समुद्री मार्ग का उपयोग करने की हिदायत दी थी।
UKMTO के अनुसार, टैंकर होर्मुज जलडमरूमध्य से दक्षिण की ओर ओमान की खाड़ी की तरफ बढ़ रहा था। इसी दौरान जहाज के बाईं ओर (पोर्ट साइड) एक प्रोजेक्टाइल आकर टकराया, जिससे उसमें आग लग गई। फिलहाल घटना की जांच जारी है।
यह हमला ऐसे समय हुआ है जब ईरान में दिवंगत सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार की रस्में चल रही हैं और पूरे क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ है। इसी बीच ईरान और अमेरिका के बीच परमाणु वार्ता भी फिलहाल ठप है। माना जा रहा है कि अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही बातचीत दोबारा शुरू हो सकती है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, अंतिम संस्कार में शामिल कुछ लोगों ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ नारेबाजी भी की। वहीं ट्रंप ने हाल ही में कहा था कि अंतिम संस्कार के दौरान एक सप्ताह तक अमेरिका ईरान पर कोई सैन्य कार्रवाई नहीं करेगा। हालांकि उन्होंने यह भी दोहराया कि या तो ईरान के साथ समझौता होगा या फिर अमेरिका कड़ा कदम उठाएगा।
गौरतलब है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के सबसे अहम समुद्री व्यापार मार्गों में शामिल है। वैश्विक स्तर पर होने वाले कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस के समुद्री व्यापार का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा इसी जलमार्ग से होकर गुजरता है, इसलिए यहां होने वाली किसी भी घटना का असर अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार पर पड़ सकता है।







