‘अजीब आवाज सुनाई दी, सीढ़ियों की ओर भागे…’ सत्य निकेतन हादसे में बाल-बाल बचे नितेश ने बताई पूरी आपबीती

नई दिल्ली: साउथ दिल्ली के सत्य निकेतन में इमारत ढहने के हादसे में घायल छात्र नितेश छिब एम्स ट्रॉमा सेंटर में भर्ती हैं। मलबे से नितेश के साथ उनके दोस्त नीरज बावा को भी रेस्क्यू किया गया था। दोनों का अस्पताल में इलाज चल रहा है। नीरज की हालत गंभीर बताई जा रही है, जबकि नितेश अब बात करने की स्थिति में हैं। नितेश ने जागरण संवाददाता से हादसे के दौरान की पूरी घटना साझा की। उन्होंने बताया कि रविवार दोपहर वह खाना खा रहे थे। इसी दौरान उन्हें अचानक अजीब तरह की आवाजें सुनाई देने लगीं।
‘आवाज पहले सामान्य थी, फिर तेज होती चली गई’
नितेश के मुताबिक, शुरुआत में आवाज ऐसी थी जैसे किसी नल से तेज पानी बह रहा हो। उन्हें पहले लगा कि यह सामान्य बात है, लेकिन कुछ ही पलों में आवाज काफी तेज हो गई और उन्हें अनहोनी की आशंका हुई। इसके बाद नितेश खाना छोड़कर अपने दोस्त नीरज के कमरे में पहुंचे। दोनों ने स्थिति को भांपते हुए सीढ़ियों की ओर भागने की कोशिश की, लेकिन वे नीचे पहुंच पाते, इससे पहले ही पूरी इमारत भरभराकर गिर गई और दोनों मलबे में दब गए।
करीब तीन घंटे तक मलबे में दबे रहे नितेश
19 वर्षीय नितेश जम्मू के रायपुर के रहने वाले हैं, जबकि नीरज बावा कठुआ के रहने वाले हैं। नितेश के बड़े भाई रोहित ने बताया कि उनका छोटा भाई दिल्ली विश्वविद्यालय में बीकॉम द्वितीय वर्ष का छात्र है। हादसे के बाद नितेश करीब तीन घंटे तक मलबे में दबे रहे। इस दौरान वह मदद के लिए आवाज लगाते रहे। राहत और बचाव दल ने करीब तीन घंटे बाद उन्हें मलबे से बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाया। फिलहाल नितेश का इलाज एम्स ट्रॉमा सेंटर में चल रहा है। अस्पताल के बाहर परिवार के लोग उनकी सलामती की दुआ कर रहे हैं।
हादसे से एक दिन पहले ही PG में रहने आए थे नीरज
हादसे में घायल एनएसयूआई कार्यकर्ता नीरज बावा की हालत भी गंभीर बताई जा रही है। उनके दोस्त रवि के मुताबिक, नीरज हादसे से ठीक एक दिन पहले ही इस पीजी में रहने आए थे। रवि ने बताया कि इससे पहले नीरज करीब एक महीने से ज्यादा समय तक अपने दोस्त के घर रह रहे थे। कुछ दिन पहले उन्होंने नया ठिकाना तलाशा था और हादसे से एक दिन पहले ही वहां शिफ्ट हुए थे। किसी ने नहीं सोचा था कि जिस जगह को नीरज ने रहने के लिए नया ठिकाना बनाया है, वही अगले ही दिन एक बड़े हादसे की वजह बन जाएगी।







