SRCC में PM मोदी का विपक्ष पर निशाना, बोले- ‘2013 में घोटाले सुर्खियों में थे, आज भारत की GDP चर्चा में है’

नई दिल्ली के श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स (SRCC) के शताब्दी समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की राष्ट्रीय सुरक्षा, अर्थव्यवस्था और नीतिगत बदलावों पर विस्तार से बात की। उन्होंने कहा कि भारत अब पुराने दौर की नीतिगत अनिश्चितता से आगे निकल चुका है और दुनिया के सामने ज्यादा आत्मविश्वास के साथ अपनी क्षमता दिखा रहा है। अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने सुरक्षा से लेकर आर्थिक विकास और बुनियादी ढांचे तक सरकार की उपलब्धियों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि आज आतंकवाद को बढ़ावा देने वाले लोग दबाव में हैं और भारत किसी भी सुरक्षा चुनौती का जवाब देने में सक्षम है।
‘आतंक फैलाने वाले आज बैकफुट पर हैं’
राष्ट्रीय सुरक्षा का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि देश के दुश्मनों की स्थिति पहले जैसी नहीं रही। उन्होंने पाकिस्तान का नाम लेते हुए कहा कि अगर वहां से किसी तरह का दुस्साहस किया जाता है तो भारतीय सशस्त्र बल सीमा पार जाकर जवाब देने की क्षमता रखते हैं। प्रधानमंत्री ने जम्मू-कश्मीर और पूर्वोत्तर में सुरक्षा स्थिति का भी उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया कि इन क्षेत्रों में शांति और स्थिरता मजबूत हुई है। साथ ही उन्होंने कहा कि माओवादी हिंसा और नक्सलवाद के खिलाफ भी सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है।पीएम मोदी ने कहा कि जिस भारत को कभी ‘पॉलिसी पैरालिसिस’ के दौर के लिए जाना जाता था, आज वही देश तेजी से फैसले लेने और नीतियों को लागू करने के लिए पहचाना जा रहा है।
7.8% GDP ग्रोथ का किया जिक्र
अर्थव्यवस्था पर बोलते हुए प्रधानमंत्री ने 7.8 प्रतिशत की तिमाही GDP वृद्धि का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर चुनौतियों और पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच भारत की यह विकास दर देश की आर्थिक क्षमता को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि आज दुनिया भारत को प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में सबसे तेज गति से आगे बढ़ने वाले देशों में देख रही है। पीएम ने पिछली आर्थिक परिस्थितियों को लेकर भी विपक्ष पर निशाना साधा और कहा कि जिन लोगों के कार्यकाल में भारत को कमजोर अर्थव्यवस्थाओं की श्रेणी में गिना जाता था, उन्हें मौजूदा आर्थिक आंकड़े स्वीकार करना मुश्किल हो रहा है।
2013 के भारत और आज के भारत की तुलना
प्रधानमंत्री ने अपने पुराने SRCC दौरे को याद करते हुए 2013 के भारत और वर्तमान स्थिति की तुलना की। उन्होंने कहा कि उस समय महंगाई करीब 10 प्रतिशत के आसपास थी, चालू खाता घाटा ऊंचे स्तर पर था और विकास दर में गिरावट देखी जा रही थी। उन्होंने उस दौर में सामने आए घोटालों और सुरक्षा चुनौतियों का भी जिक्र किया। पीएम मोदी के मुताबिक, उस समय सीमा पर सैनिकों की शहादत और आतंकवादी घटनाओं को लेकर भी देश में चिंता का माहौल था। उन्होंने तत्कालीन व्यवस्था पर तंज कसते हुए कहा कि उस समय सरकार की कार्यशैली ऐसी थी जैसे ‘आग लगने के बाद कुआं खोदना’। पीएम ने कहा कि 2014 के बाद शासन के तरीके में बदलाव किया गया और सरकार ने ‘P2G2’ यानी ‘Pro-People Good Governance’ को प्राथमिकता दी।
रेलवे विद्युतीकरण को बताया बड़ा बदलाव
बुनियादी ढांचे में हुए बदलावों का उदाहरण देते हुए प्रधानमंत्री ने भारतीय रेलवे का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि देश में पहली इलेक्ट्रिक ट्रेन 1925 में चली थी, लेकिन 2014 तक करीब नौ दशकों में रेल नेटवर्क के 30 प्रतिशत से भी कम हिस्से का विद्युतीकरण हो पाया था। पीएम मोदी ने दावा किया कि पिछले 10 से 12 वर्षों में रेलवे के विद्युतीकरण में तेजी आई और यह आंकड़ा लगभग 100 प्रतिशत तक पहुंच गया है। उन्होंने इसे बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में सरकार की बड़ी उपलब्धियों में गिनाया।
‘युवाओं के लिए खुल रहे हैं नए बाजार’
प्रधानमंत्री ने अपने भाषण के अंत में युवाओं पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर भारत के लिए नए बाजार खुल रहे हैं और कई क्षेत्रों में टैरिफ कम होने से भारतीय कारोबार और युवाओं के लिए नए अवसर पैदा हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज का भारत 2013 की तुलना में आर्थिक, रणनीतिक और सामाजिक दृष्टि से ज्यादा आत्मविश्वासी और सक्षम है। प्रधानमंत्री ने युवाओं से बदलते वैश्विक माहौल में भारत की संभावनाओं का लाभ उठाने का आह्वान किया।







