सहारनपुर कलेक्ट्रेट की मस्जिद पर चला बुलडोजर, इकरा हसन हाउस अरेस्ट इमरान मसूद बोले- ‘संविधान पर हथौड़ा चलाया’

सहारनपुर: उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में कलेक्ट्रेट परिसर स्थित मस्जिद को लेकर शनिवार सुबह प्रशासन की कार्रवाई से सियासी माहौल गरमा गया। अदालत के आदेश के बाद प्रशासन ने मस्जिद के ढांचे को हटाने की कार्रवाई शुरू की। सुरक्षा के मद्देनजर कलेक्ट्रेट परिसर को पूरी तरह सुरक्षा घेरे में रखा गया और प्रवेश के रास्तों पर भी सख्ती बढ़ा दी गई। इसी बीच सहारनपुर जाने की कोशिश कर रहीं कैराना से समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन को पुलिस ने उनके आवास पर रोक दिया। इकरा हसन ने आरोप लगाया कि उन्हें हाउस अरेस्ट किया गया है। उनका कहना है कि वह सहारनपुर पहुंचकर अधिकारियों से मुलाकात करना चाहती थीं और स्थानीय लोगों की बात प्रशासन तक पहुंचाना चाहती थीं।
इकरा हसन ने उठाए सवाल
हाउस अरेस्ट के बाद इकरा हसन ने कहा कि एक जनप्रतिनिधि का अधिकारियों से मिलकर जनता से जुड़े मुद्दे उठाना अपराध नहीं हो सकता। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें सहारनपुर जाने से रोकने के लिए घर पर ही नजरबंद किया गया। सांसद ने कहा कि वह मामले को लेकर प्रशासन के अधिकारियों से बातचीत करना चाहती थीं। उनका सवाल था कि अगर किसी इलाके के लोगों की समस्याओं को अधिकारियों के सामने रखना ही जनप्रतिनिधि का काम है, तो फिर उन्हें ऐसा करने से क्यों रोका जा रहा है।
कलेक्ट्रेट में सुरक्षा के कड़े इंतजाम
मस्जिद के ध्वस्तीकरण को देखते हुए कलेक्ट्रेट परिसर और उसके आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। प्रशासन ने परिसर के प्रवेश द्वारों पर भी सख्ती बढ़ाई और बाहरी लोगों की आवाजाही रोक दी गई। मौके पर एसडीएम, सिटी मजिस्ट्रेट समेत प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी मौजूद रहे। बड़ी संख्या में पुलिस बल और पीएसी की तैनाती की गई, ताकि किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति को रोका जा सके।
इमरान मसूद ने कार्रवाई पर जताई नाराजगी
कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने मस्जिद पर हुई कार्रवाई को लेकर प्रशासन पर तीखा हमला बोला। उन्होंने दावा किया कि मामले में कानूनी प्रक्रिया और दिए गए समय को लेकर कई सवाल हैं। मसूद ने आरोप लगाया कि संबंधित पक्ष को आदेश के खिलाफ आगे कानूनी कदम उठाने का पर्याप्त अवसर नहीं दिया गया। उन्होंने मस्जिद की पुरानी स्थिति और जमीन के मालिकाना हक से जुड़े दस्तावेजों का हवाला देते हुए कार्रवाई पर सवाल उठाया। मसूद ने कहा कि इस मामले में उनकी लड़ाई संविधान और कानून के दायरे में जारी रहेगी।
क्या है पूरा मामला?
सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर में स्थित मस्जिद को लेकर लंबे समय से जमीन और निर्माण की वैधता का विवाद चल रहा था। नगर मजिस्ट्रेट की अदालत ने जुलाई में इसे सरकारी जमीन पर अवैध निर्माण मानते हुए बेदखली और ध्वस्तीकरण का आदेश दिया था। इसके साथ ही क्षतिपूर्ति की राशि भी निर्धारित की गई थी। मस्जिद पक्ष ने इस आदेश को जिला अदालत में चुनौती दी थी। हालांकि, जिला अदालत ने सितंबर में याचिका खारिज करते हुए नगर मजिस्ट्रेट के आदेश को बरकरार रखा। इसके बाद प्रशासन ने अदालत के आदेश के अनुपालन में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की।
सुबह तड़के शुरू हुई कार्रवाई
शनिवार तड़के कलेक्ट्रेट परिसर में प्रशासन की टीम पहुंची और कार्रवाई शुरू की गई। रिपोर्टों के मुताबिक, कई बुलडोजरों को मौके पर लगाया गया था। कार्रवाई के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी रही और पूरे इलाके पर पुलिस की निगरानी बनी रही। मस्जिद को लेकर विवाद के बीच राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। विपक्षी नेताओं ने कार्रवाई की प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं, जबकि प्रशासन की ओर से इसे अदालत के आदेश के अनुपालन के तौर पर बताया गया है। मामले को लेकर आगे भी राजनीतिक और कानूनी हलचल जारी रहने के आसार हैं।







