सत्य निकेतन बिल्डिंग हादसे में 7 मौतें, PG मालिक-पत्नी गिरफ्तार MCD के 5 अधिकारी सस्पेंड

नई दिल्ली: दक्षिण दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में बहुमंजिला इमारत ढहने के दर्दनाक हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर 7 हो गई है। हादसे के बाद करीब 27 घंटे से ज्यादा चले रेस्क्यू ऑपरेशन में 12 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया, जिनमें 5 की हालत गंभीर बताई जा रही है। राहत और बचाव कार्य सोमवार शाम पूरा हो गया। हादसे के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए फरार चल रहे PG मालिक हरिराम गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उसकी पत्नी उर्मिला गुप्ता और बेटे महेश गुप्ता को भी गिरफ्तार किया है।
PG मालिक और पत्नी न्यायिक हिरासत में
सोमवार (7 सितंबर) रात तीनों आरोपियों को पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने हरिराम गुप्ता और उर्मिला गुप्ता को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया, जबकि महेश गुप्ता को दो दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा गया। दिल्ली पुलिस के मुताबिक, इमारत का बिजली कनेक्शन हरिराम गुप्ता के नाम पर था और उसका बेटा महेश इसकी देखरेख करता था। वहीं, प्रॉपर्टी उर्मिला गुप्ता के नाम पर रजिस्टर्ड थी।
मरम्मत के दौरान भरभराकर गिरी थी इमारत
दिल्ली यूनिवर्सिटी के साउथ कैंपस के पास स्थित यह इमारत रविवार (6 सितंबर) दोपहर करीब 1:30 बजे मरम्मत के दौरान ढह गई थी। इसके बाद मलबे में फंसे लोगों को निकालने के लिए लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया। सोमवार शाम राहत और बचाव कार्य पूरा होने के बाद हादसे में 7 लोगों की मौत की पुष्टि हुई। घटना के बाद PG इमारतों की सुरक्षा, अवैध निर्माण और नियमों की अनदेखी को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
MCD के 5 अधिकारी सस्पेंड
हादसे के बाद दिल्ली सरकार ने जिम्मेदार अधिकारियों पर भी कार्रवाई की है। MCD के डिप्टी कमिश्नर, एग्जीक्यूटिव इंजीनियर, सुपरिटेंडिंग इंजीनियर, असिस्टेंट इंजीनियर और जूनियर इंजीनियर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
बिना मंजूरी बनी पांचवीं मंजिल वाली इमारतें होंगी सील
दिल्ली सरकार ने पूरी दिल्ली में ऐसी इमारतों को तत्काल सील करने का आदेश दिया है, जिनमें बिना मंजूरी के पांचवीं मंजिल का निर्माण किया गया है। इसके साथ ही आसपास के PG और अन्य इमारतों की भी जांच की जा रही है। नियमों का उल्लंघन मिलने पर सीलिंग समेत सख्त कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा है कि सरकार ने घटना को गंभीरता से लिया है और जो भी दोषी या जिम्मेदार पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बिल्डिंग मालिक के साथ MCD भी जिम्मेदार- हाईकोर्ट
मामले में दाखिल PIL पर सुनवाई करते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि ऐसी घटनाओं के लिए सिर्फ PG या बिल्डिंग मालिक को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। MCD प्रशासन की भी जिम्मेदारी है, क्योंकि निर्माण कार्य नियमों के मुताबिक हो रहा है या नहीं, यह सुनिश्चित करना उसके दायित्व में आता है। कोर्ट ने टिप्पणी की कि अगर संबंधित अधिकारी अपनी जिम्मेदारियों को लेकर सतर्क रहते तो संभव है कि ऐसी त्रासदी को टाला जा सकता था।
MCD से PG हॉस्टलों के ऑडिट का निर्देश
हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार, केंद्र सरकार, MCD, दिल्ली पुलिस और NHRC से रिपोर्ट और ऑडिट से जुड़ी जानकारी मांगी है। कोर्ट ने MCD के उच्चतम कार्यकारी स्तर पर जांच कराने का निर्देश दिया है कि हादसे में ढही इमारतों का निर्माण वैध अनुमति के तहत हुआ था या नहीं। अगर निर्माण बिना अनुमति के पाया जाता है तो इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका तय करने और उनके खिलाफ की गई कार्रवाई की जानकारी भी अदालत को देने को कहा गया है। इसके अलावा MCD को दिल्ली के PG हॉस्टलों का ऑडिट करने और यह जांचने का निर्देश दिया गया है कि उनका निर्माण संबंधित अनुमति और बिल्डिंग बायलॉज के अनुरूप हुआ है या नहीं। मामले में अगली सुनवाई 25 सितंबर को होगी।







