रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का दावा: 12 साल में रेलवे में 5.56 लाख भर्तियां, टीटीई तैनाती और टिकट रिफंड नियमों पर भी दी जानकारी

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने संसद में बताया कि वर्ष 2014 से जून 2026 तक भारतीय रेलवे में 5.56 लाख से अधिक लोगों की भर्ती की गई है। लोकसभा में उन्होंने कहा कि यह नियुक्तियां विभिन्न पदों पर की गईं और इनमें अकेले दक्षिण रेलवे में 50,485 लोगों को रोजगार मिला। उन्होंने यूपीए सरकार के कार्यकाल से तुलना करते हुए कहा कि 2004-05 से 2013-14 के बीच रेलवे में 4.11 लाख भर्तियां हुई थीं।
अश्विनी वैष्णव ने कहा कि रेलवे में भर्ती अलग-अलग जोनों की आवश्यकता के अनुसार की जाती है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि रेलवे भर्ती परीक्षाएं पूरी पारदर्शिता और निर्धारित दिशा-निर्देशों के तहत आयोजित की जाती हैं। उनका कहना था कि बदलती तकनीक और जरूरतों के अनुसार रेलवे समय-समय पर विभिन्न पदों के लिए नई भर्तियां निकालता है।
लोकसभा में टीटीई पर बढ़ते कार्यभार के मुद्दे पर भी रेल मंत्री ने जवाब दिया। उन्होंने बताया कि नए दिशानिर्देशों के अनुसार एक टीटीई को अधिकतम पांच एसी कोच या तीन चेयर कार अथवा स्लीपर कोच की जिम्मेदारी दी जाती है। किसी ट्रेन में टीटीई की संख्या उसके कोचों की संख्या और श्रेणी के आधार पर तय की जाती है, ताकि टिकट जांच के साथ यात्रियों को बेहतर सहायता भी मिल सके। उन्होंने कहा कि जोनल रेलवे को कर्मचारियों के प्रभावी उपयोग के लिए समय-समय पर प्रशासनिक दिशा-निर्देश जारी किए जाते हैं।
राज्यसभा में एक अन्य सवाल के जवाब में रेल मंत्री ने स्पष्ट किया कि भारतीय रेलवे रद्द और वेटिंग टिकटों से होने वाली आय का क्षेत्रवार रिकॉर्ड नहीं रखता। हालांकि, उन्होंने वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस और अमृत भारत एक्सप्रेस के टिकट रद्द करने के नियमों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यदि इन ट्रेनों का कन्फर्म टिकट निर्धारित प्रस्थान समय से 72 घंटे या उससे पहले रद्द किया जाता है, तो किराए का 25 प्रतिशत काटा जाता है। 72 घंटे से 8 घंटे के बीच टिकट रद्द करने पर 50 प्रतिशत राशि काटी जाती है, जबकि ट्रेन रवाना होने से 8 घंटे से कम समय पहले टिकट रद्द करने पर कोई रिफंड नहीं दिया जाता







