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बिजनौर की पटाखा फैक्ट्री में चल रहा था बड़ा खेल, 1200 किलो से ज्यादा विस्फोटक बरामद, सुतली बम और कारतूस भी मिले

बिजनौर में पटाखे बनाने की आड़ में कथित तौर पर अवैध गतिविधियों का मामला सामने आया है। पुलिस ने नहटौर क्षेत्र में एक पटाखा फैक्ट्री पर छापा मारकर भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री, बड़ी संख्या में तैयार सुतली बम और कारतूस बरामद किए हैं। पुलिस के मुताबिक, फैक्ट्री में तय सीमा से कई गुना ज्यादा कच्चा माल रखा गया था। मामले में फैक्ट्री का संचालन कर रहे दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

1200 किलो से ज्यादा विस्फोटक सामग्री मिली

पुलिस के मुताबिक, फैक्ट्री से करीब 1237 किलो विस्फोटक सामग्री बरामद हुई है। इसमें एल्युमीनियम पाउडर, गंधक और पोटेशियम नाइट्रेट शामिल हैं। एसपी केके बिश्नोई ने बताया कि बरामद सामग्री में करीब 130 किलो एल्युमीनियम पाउडर, 559 किलो गंधक और 548 किलो पोटेशियम नाइट्रेट शामिल है। पुलिस का कहना है कि लाइसेंस में इतनी मात्रा में कच्चा माल रखने की अनुमति नहीं थी। फैक्ट्री की जांच राजस्व विभाग, अग्निशमन विभाग और फील्ड यूनिट की टीम ने संयुक्त रूप से की।

400 किलो की सीमा, मौके पर मिले करीब 40 क्विंटल सुतली बम

जांच में पुलिस को बड़ी मात्रा में तैयार सुतली बम भी मिले। अधिकारियों के मुताबिक, फैक्ट्री के लाइसेंस में तैयार आतिशबाजी रखने की सीमा 400 किलो निर्धारित थी, लेकिन मौके से करीब 39 क्विंटल 59 किलो सुतली बम बरामद किए गए। इसके अलावा पुलिस को 13 कारतूस और 23 खाली खोखे भी मिले हैं। पूछताछ के दौरान कारतूस तैयार करने और उनकी कथित सप्लाई से जुड़ी जानकारी सामने आने के बाद पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है।

दो आरोपी गिरफ्तार

पुलिस ने फैक्ट्री के संचालन से जुड़े मोहम्मद यूसुफ और गुफरान अहमद अंसारी को गिरफ्तार किया है। दोनों नहटौर के रहने वाले बताए गए हैं। जांच में पता चला कि फैक्ट्री का लाइसेंस आशीष बालियान के नाम पर है। पुलिस के मुताबिक, मोहम्मद यूसुफ और गुफरान ने फैक्ट्री किराए पर लेकर उसका संचालन किया था।

बिना बिल के खरीद-बिक्री का आरोप

पुलिस का कहना है कि फैक्ट्री में आतिशबाजी तैयार करने के लिए कच्चे माल की खरीद कथित तौर पर बिना वैध बिल के की जाती थी। तैयार आतिशबाजी की बिक्री भी बिना बिल के दूसरे राज्यों में किए जाने की जानकारी मिली है। पुलिस को फिलहाल खरीद-बिक्री से जुड़ा पूरा रिकॉर्ड नहीं मिला है। ऐसे में जांच टीम लेन-देन और सप्लाई से जुड़े दूसरे पहलुओं की पड़ताल कर रही है।

दूसरे राज्यों से मंगाया जाता था कच्चा माल

पूछताछ में पुलिस को यह जानकारी भी मिली है कि फैक्ट्री में इस्तेमाल होने वाला कच्चा माल तमिलनाडु और महाराष्ट्र समेत अलग-अलग इलाकों से मंगाया जाता था। अब जांच एजेंसियां उन लोगों और ठिकानों की जानकारी जुटा रही हैं, जिनसे आरोपियों का संपर्क था। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस पूरे मामले में आरोपियों के अलावा और कौन-कौन लोग जुड़े हैं। लाइसेंस की शर्तों के उल्लंघन को लेकर फैक्ट्री का लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई के लिए भी रिपोर्ट भेज दी गई है।

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