ईरान-अमेरिका तनाव बढ़ा तो 80 डॉलर के करीब पहुंचा कच्चा तेल, शेयर बाजारों में भी बढ़ी हलचल

पश्चिम एशिया में ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव का असर अब वैश्विक ऊर्जा बाजार पर साफ दिखाई देने लगा है। क्षेत्र में जारी हमलों और आपूर्ति बाधित होने की आशंकाओं के बीच अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें बढ़कर 80 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गई हैं। केडिया एडवाइजरी के डायरेक्टर अजय केडिया के मुताबिक मंगलवार को कच्चे तेल की कीमत करीब 79 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई। इसके साथ ही पिछले एक सप्ताह में तेल की कीमतों में 10 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर बढ़ी चिंता
अजय केडिया ने बताया कि होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों को लेकर अमेरिका की नई रणनीति और संभावित प्रतिबंधों ने बाजार की चिंता बढ़ा दी है। ट्रंप प्रशासन ने इस रणनीतिक समुद्री मार्ग की सुरक्षा को लेकर सख्त रुख अपनाने के संकेत दिए हैं। इसके साथ ही, इस मार्ग का उपयोग करने वाले कार्गो जहाजों पर शुल्क और लागत साझा करने जैसे प्रस्तावों ने भी ऊर्जा बाजार में अनिश्चितता बढ़ा दी है। विश्लेषकों का मानना है कि होर्मुज जलडमरूमध्य में किसी भी तरह का व्यवधान वैश्विक तेल आपूर्ति को प्रभावित कर सकता है।
रूसी ऊर्जा निर्यात पर संभावित प्रतिबंधों की चर्चा
रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिकी प्रशासन ने रूसी तेल और प्राकृतिक गैस खरीदने वाले देशों पर दोबारा प्रतिबंध लगाने की संभावना का समर्थन किया है। इससे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को लेकर नई चिंताएं पैदा हुई हैं, जिसका असर तेल की कीमतों पर भी देखा जा रहा है।
पश्चिम एशिया में फिर बढ़ी सैन्य गतिविधियां
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच क्षेत्र में सैन्य गतिविधियां तेज होने की खबरें सामने आई हैं। वहीं, होर्मुज जलडमरूमध्य और उससे जुड़े समुद्री मार्गों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ गई है। इसके अलावा, यमन में हूती विद्रोहियों और सऊदी अरब के बीच तनाव की खबरों ने भी पश्चिम एशिया के हालात को और जटिल बना दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि क्षेत्रीय तनाव लंबा खिंचता है तो इसका असर वैश्विक व्यापार और ऊर्जा बाजार पर पड़ सकता है।
शेयर बाजारों पर भी दिखा असर
पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव का असर दुनिया भर के शेयर बाजारों पर भी देखने को मिला है। भारतीय शेयर बाजार ने भी लगातार दूसरे कारोबारी दिन दबाव के साथ कारोबार की शुरुआत की और निवेशकों में सतर्कता का माहौल बना रहा।







