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संसद का 11वां दिन: पप्पू यादव पर हमले के मुद्दे पर हंगामे के आसार, FCRA संशोधन विधेयक भी हो सकता है पेश

संसद के मानसून सत्र का आज 11वां दिन है और एक बार फिर दोनों सदनों में तीखी नोकझोंक और हंगामे के आसार हैं। पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव पर हुए हमले के मुद्दे पर विपक्ष सरकार को घेरने की तैयारी में है। वहीं सरकार आज लोकसभा में फॉरेन कंट्रीब्यूशन रेगुलेशन एक्ट (FCRA) संशोधन विधेयक पेश कर सकती है, जिसे लेकर राजनीतिक विवाद पहले ही शुरू हो चुका है।

रविवार शाम सांसद पप्पू यादव पर उस समय हमला हुआ, जब वह सनातन धर्म के कथित अपमान के मुद्दे पर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहे थे। घटना के बाद पप्पू यादव ने अपनी सुरक्षा को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल उठाए। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और सांसद अखिलेश यादव ने भी लोकसभा अध्यक्ष से इस मामले का संज्ञान लेने और सांसदों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।

मानसून सत्र के लिए सरकार ने कुल आठ विधेयक सूचीबद्ध किए थे, जिनमें से अब तक दो विधेयक संसद के दोनों सदनों से पारित हो चुके हैं। इनमें वंदे मातरम विधेयक और सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक शामिल हैं।

इस बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने तमिलनाडु के मामल्लापुरम में एक कार्यक्रम के दौरान मीडिया से बातचीत में केंद्र सरकार के प्रस्तावित परिसीमन विधेयक का विरोध किया। उन्होंने कहा कि सभी राष्ट्रीय और तमिलनाडु की क्षेत्रीय पार्टियों को इस विधेयक का विरोध करना चाहिए और इसका समर्थन करना जनता के विश्वास के साथ विश्वासघात होगा।

उधर, सरकार आज लोकसभा में FCRA संशोधन विधेयक पेश कर सकती है। सरकार का कहना है कि इस संशोधन का उद्देश्य विदेशी फंड प्राप्त करने वाले गैर-सरकारी संगठनों (NGO) की जवाबदेही और पारदर्शिता बढ़ाना है। वहीं विपक्ष का आरोप है कि इस विधेयक के जरिए सरकार विदेशी फंड से संचालित स्कूलों, अस्पतालों और अनाथालयों जैसी संस्थाओं की संपत्तियों पर अधिक नियंत्रण स्थापित करना चाहती है।

गौरतलब है कि 31 जुलाई को भी संसद में राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मुद्दे को लेकर जोरदार हंगामा हुआ था। विपक्ष के प्रदर्शन के दौरान सांसद पप्पू यादव साधु के वेश में दानपेटी लेकर पहुंचे थे। इस दौरान राहुल गांधी समेत कुछ विपक्षी सांसदों ने प्रतीकात्मक रूप से दानपेटी में चंदा डाला। इस घटनाक्रम को लेकर संत समाज ने कड़ी आपत्ति जताई थी और इसे धार्मिक भावनाओं से जुड़ा संवेदनशील मामला बताया था।

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