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‘झारखंड अब निर्भरता नहीं, विकास की नई पहचान बनेगा’: नेशनल स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन के समापन पर बोले CM हेमंत सोरेन

दो दिवसीय ‘नेशनल स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन 2026’ के समापन अवसर पर झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्य के विकास को लेकर अपनी सरकार का विजन साझा किया। उन्होंने कहा कि झारखंड अब पुरानी निर्भरता वाली छवि को पीछे छोड़कर आत्मनिर्भर और समृद्ध राज्य बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री ने भरोसा जताया कि इस मंथन से निकले सुझाव जल्द ही जमीन पर दिखाई देंगे और राज्य के विकास को नई गति मिलेगी।

‘यह शुरुआत भविष्य के बड़े बदलाव की नींव है’

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार झारखंड के हितों और साढ़े तीन करोड़ लोगों की आकांक्षाओं को ध्यान में रखकर नीतियां बना रही है। उन्होंने इस कंसल्टेशन कार्यक्रम को बदलाव की शुरुआत बताते हुए कहा कि यह एक ऐसी पहल है, जो धीरे-धीरे व्यापक परिवर्तन का आधार बनेगी। उन्होंने कहा कि विकास एक सतत प्रक्रिया है और छोटे-छोटे प्रयास ही आगे चलकर बड़े बदलाव का कारण बनते हैं।

‘झारखंड के संसाधनों का लाभ अब झारखंड को मिलेगा’

हेमंत सोरेन ने कहा कि झारखंड प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध राज्य है और वर्षों तक देश के औद्योगिक विकास में अहम भूमिका निभाता रहा है। इसके बावजूद राज्य और यहां के लोगों को लंबे समय तक उपेक्षा का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि झारखंड के जल, जंगल, जमीन और खनिज संसाधनों का लाभ सबसे पहले राज्य के मूलवासियों, आदिवासियों, युवाओं और आम नागरिकों को मिले। इसी सोच के साथ सरकार उद्योग, निवेश, आधुनिक तकनीक और रोजगार के अवसर बढ़ाने पर काम कर रही है।

टिकाऊ विकास मॉडल पर सरकार का जोर

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार का उद्देश्य केवल बड़े निवेश आकर्षित करना नहीं, बल्कि ऐसा सस्टेनेबल डेवलपमेंट मॉडल तैयार करना है, जिससे युवाओं, किसानों, छोटे उद्यमियों और आम लोगों को सीधे आर्थिक लाभ मिले। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य झारखंड को हर क्षेत्र में आत्मनिर्भर और आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है।

समापन समारोह में झारखंड की संस्कृति की झलक

कार्यक्रम के समापन अवसर पर भव्य सांस्कृतिक संध्या और डिनर रिसेप्शन का आयोजन किया गया। इसमें कई देशों के राजनयिकों, देश-विदेश के वरिष्ठ अधिकारियों, कॉरपोरेट जगत के प्रतिनिधियों और मीडिया से जुड़े अतिथियों ने हिस्सा लिया। इस दौरान झारखंड की समृद्ध संस्कृति, लोक परंपराओं, पारंपरिक व्यंजनों और ऐतिहासिक विरासत की प्रस्तुति ने मेहमानों को आकर्षित किया। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए उन्हें ‘जोहार’ कहा और विश्वास जताया कि इस तरह के संवाद राज्य के विकास को नई दिशा देंगे।

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