16 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में शुरू होगा SIR अभियान, 36.73 करोड़ वोटर्स का होगा घर-घर सत्यापन

इलेक्शन कमीशन ऑफ़ इंडिया ने मतदाता सूचियों को अधिक पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाने के लिए विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के तीसरे चरण की घोषणा कर दी है। इस अभियान के तहत 16 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में करीब 36.73 करोड़ मतदाताओं का घर-घर जाकर सत्यापन किया जाएगा।
आयोग के मुताबिक, इस चरण में ओडिशा, मिजोरम, सिक्किम, मणिपुर, उत्तराखंड, आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, कर्नाटक, महाराष्ट्र, झारखंड, तेलंगाना, मेघालय, नागालैंड, त्रिपुरा और दिल्ली समेत कुल 19 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों को शामिल किया गया है। चंडीगढ़ और दादरा एवं नगर हवेली-दमन एवं दीव भी इस अभियान का हिस्सा होंगे। चुनाव आयोग ने बताया कि यह प्रक्रिया मई से सितंबर 2026 के बीच चरणबद्ध तरीके से पूरी की जाएगी। इसके तहत घर-घर सत्यापन, मतदान केंद्रों का पुनर्गठन, ड्राफ्ट वोटर लिस्ट का प्रकाशन, दावे-आपत्तियों की सुनवाई और अंतिम मतदाता सूची जारी करने जैसे कार्य किए जाएंगे।
पहले चरण में ओडिशा, मिजोरम, सिक्किम और मणिपुर में 30 मई से 28 जून तक सत्यापन अभियान चलेगा, जबकि अंतिम मतदाता सूची 6 सितंबर 2026 को प्रकाशित होगी। वहीं महाराष्ट्र, कर्नाटक, झारखंड, मेघालय और दिल्ली में यह प्रक्रिया जून के अंत से शुरू होकर 7 अक्टूबर 2026 तक पूरी होगी। आयोग के अनुसार, इस अभियान में करीब 3.94 लाख बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) और 3.42 लाख बूथ लेवल एजेंट (BLA) शामिल होंगे। राजनीतिक दलों से हर मतदान केंद्र पर अपने BLA नियुक्त करने की अपील भी की गई है, ताकि प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और निष्पक्ष बन सके।
आंकड़ों के मुताबिक, महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा 9.86 करोड़ मतदाता इस अभियान के दायरे में आएंगे। इसके बाद कर्नाटक में 5.55 करोड़, आंध्र प्रदेश में 4.16 करोड़ और तेलंगाना में 3.39 करोड़ मतदाताओं का सत्यापन किया जाएगा। दिल्ली में करीब 1.48 करोड़ मतदाताओं के लिए 13 हजार से अधिक BLO तैनात किए जाएंगे। चुनाव आयोग का कहना है कि इस विशेष पुनरीक्षण अभियान का उद्देश्य फर्जी और दोहराए गए नाम हटाना, सभी पात्र नागरिकों को मतदाता सूची में शामिल करना और चुनाव प्रक्रिया को अधिक विश्वसनीय बनाना है।







