लॉरेंस बिश्नोई गैंग पर अमेरिका का बड़ा शिकंजा, गोल्डी बराड़ पर ₹48 लाख का इनाम, FBI ने शुरू की निर्णायक कार्रवाई

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय लॉरेंस बिश्नोई गैंग के खिलाफ अमेरिका ने बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। अमेरिकी जांच एजेंसी FBI ने गैंग के प्रमुख सदस्य सतिंदरजीत सिंह उर्फ गोल्डी बराड़ की गिरफ्तारी या उसके बारे में पुख्ता जानकारी देने वाले के लिए 50,000 अमेरिकी डॉलर (करीब 48 लाख रुपये) के इनाम की घोषणा की है।
FBI ने जारी किया इनाम का ऐलान
FBI ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जारी बयान में कहा कि गोल्डी बराड़, लॉरेंस बिश्नोई के संगठित आपराधिक नेटवर्क का अहम सदस्य है। एजेंसी के अनुसार, यह गिरोह अमेरिका, कनाडा और विशेष रूप से दक्षिणी कैलिफोर्निया में कई गंभीर आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहा है। जांच एजेंसियों का कहना है कि गैंग का नेटवर्क भारत से लेकर कनाडा, अमेरिका और मेक्सिको तक फैला हुआ है।
निज्जर हत्याकांड को लेकर बड़ा दावा
अमेरिकी अधिकारियों ने दावा किया है कि 18 जून 2023 को कनाडा में खालिस्तानी अलगाववादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या की साजिश कथित तौर पर लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ ने रची थी। संघीय अभियोजकों के अनुसार, दोनों के निर्देश पर हमलावरों ने ब्रिटिश कोलंबिया के सरे शहर स्थित एक गुरुद्वारे के बाहर निज्जर की गोली मारकर हत्या कर दी थी।
‘ऑपरेशन हार्ड बॉल’ के तहत बड़ा अभियान
भारत से जुड़े अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध नेटवर्क पर कार्रवाई के लिए अमेरिका ने ‘ऑपरेशन हार्ड बॉल’ नाम से संयुक्त अभियान शुरू किया है। इस अभियान में अमेरिका, कनाडा और यूरोपीय एजेंसियां मिलकर कार्रवाई कर रही हैं। अब तक इस ऑपरेशन के तहत गैंग से जुड़े 24 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। अमेरिकी न्याय विभाग के अनुसार, लॉरेंस बिश्नोई, गोल्डी बराड़ समेत कुल 37 आरोपियों के खिलाफ तीन संघीय आरोप पत्र दाखिल किए गए हैं। इनमें से 10 आरोपी अब भी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है।
चार्जशीट में कई बड़े नाम शामिल
अमेरिकी जांच एजेंसियों द्वारा दायर आरोपपत्र में जग्गू भगवानपुरिया और रविंदर सिंह धांधा समेत कई अन्य कथित अपराधियों के नाम भी शामिल हैं। इन सभी पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ड्रग्स तस्करी, जबरन वसूली, कॉन्ट्रैक्ट किलिंग और संगठित अपराध से जुड़े गंभीर आरोप लगाए गए हैं। अमेरिका की इस कार्रवाई को लॉरेंस बिश्नोई गैंग के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है। जांच एजेंसियों का मानना है कि इस अभियान से गिरोह की वैश्विक गतिविधियों पर बड़ा असर पड़ सकता है।







