होर्मुज में फिर भड़का तनाव! टैंकर पर हमले के बाद अमेरिका-ईरान आमने-सामने, जवाबी कार्रवाई की आशंका

ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता नजर आ रहा है। मंगलवार को ईरान के सरकारी प्रसारक IRIB ने अज्ञात सूत्रों के हवाले से दावा किया कि कतरी ऑयल टैंकर “अल-रकायत” को उस समय निशाना बनाया गया, जब उसने ईरान की चेतावनियों को नजरअंदाज करते हुए अमेरिकी नौसेना की मदद से होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते ओमान की ओर बढ़ने की कोशिश की।
IRIB ने अपने प्रसारण में दोहराया कि ईरान पर अमेरिकी हमले के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य की परिस्थितियां पहले जैसी नहीं रहीं। ईरान ने कहा कि इस रणनीतिक समुद्री मार्ग से गुजरने वाले सभी जहाजों को उसके निर्धारित नौवहन मार्गों का पालन करना होगा। ऐसा नहीं करने पर उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी ईरान नहीं लेगा।
इसी बीच, यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशन्स (UKMTO) ने जानकारी दी कि होर्मुज जलडमरूमध्य के पास ओमान की दिशा में जा रहे एक टैंकर पर किसी अज्ञात प्रोजेक्टाइल से हमला हुआ, जिससे उसमें आग लग गई। वहीं, Axios ने दो अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से दावा किया कि ईरानी सेना ने होर्मुज से गुजर रहे कम से कम दो वाणिज्यिक जहाजों पर मिसाइलें दागीं। रिपोर्ट के अनुसार, एक जहाज ओमान के तट के पास हमले का शिकार हुआ, जबकि दूसरे जहाज को भी मिसाइल से नुकसान पहुंचा। हालांकि, दोनों घटनाओं में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
अमेरिका दे सकता है जवाब
Axios की रिपोर्ट के मुताबिक, ये घटनाएं उस एक सप्ताह के अस्थायी समझौते की अवधि समाप्त होने के बाद हुई हैं, जिसके तहत अमेरिका और ईरान ने होर्मुज में हमलों को रोकने पर सहमति बनाई थी। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि वाशिंगटन अब ईरानी ठिकानों पर जवाबी सैन्य कार्रवाई पर विचार कर सकता है। रिपोर्ट के अनुसार, पिछले सप्ताह कतर की राजधानी दोहा में अमेरिका और ईरान के बीच हुई अप्रत्यक्ष वार्ता भी बिना किसी ठोस नतीजे के समाप्त हो गई थी। यह ताजा घटनाक्रम होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ते तनाव और दोनों देशों के बीच जारी टकराव की नई कड़ी माना जा रहा है।
ईरान का क्या है दावा?
तेहरान का कहना है कि 17 जून को हुए समझौता ज्ञापन (MoU) के तहत होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही का प्रबंधन उसकी जिम्मेदारी है। ईरान ने ओमान के समुद्री क्षेत्र में अमेरिका समर्थित समुद्री कॉरिडोर का विरोध करते हुए इसे समझौते का उल्लंघन बताया है।







