भारत में इबोला का अलर्ट, युगांडा से आई महिला में संदिग्ध लक्षण, कर्नाटक सरकार सतर्क

अफ्रीका में फैल रहे इबोला वायरस को लेकर भारत में भी सतर्कता बढ़ा दी गई है। ताजा जानकारी के मुताबिक, युगांडा से भारत आई एक महिला में इबोला जैसे गंभीर लक्षण पाए गए हैं, जिसके बाद कर्नाटक स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर आ गया है। बेंगलुरु में अंतरराष्ट्रीय यात्रा कर लौटने वाले यात्रियों की निगरानी तेज कर दी गई है। World Health Organization (WHO) ने हाल ही में अफ्रीका के कुछ हिस्सों में फैले इबोला प्रकोप को अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य आपातकाल घोषित किया था। इसी के बाद भारत सरकार ने भी एहतियाती कदम उठाने शुरू कर दिए थे।
कर्नाटक स्वास्थ्य विभाग ने Rajiv Gandhi Institute of Chest Diseases (RGICD) को आइसोलेशन सेंटर बनाया है, जबकि महामारी अस्पताल को क्वारंटीन और इलाज की सुविधा के लिए तैयार रखा गया है। जिन लोगों में संदिग्ध लक्षण दिखाई दे रहे हैं, उन्हें तुरंत मेडिकल जांच के लिए भेजा जा रहा है।
कितना खतरनाक है इबोला वायरस?
इबोला वायरस दुनिया के सबसे घातक संक्रमणों में माना जाता है। संक्रमित मरीजों में मृत्यु दर 50 से 90 प्रतिशत तक हो सकती है। यह वायरस संक्रमित व्यक्ति के खून, लार, पसीने और शरीर के अन्य तरल पदार्थों के संपर्क में आने से फैलता है। इस बार अफ्रीका में इबोला के बुंडिबुग्यो स्ट्रेन का प्रकोप देखा जा रहा है, जिसके लिए फिलहाल कोई प्रभावी टीका या विशेष दवा उपलब्ध नहीं है।
अफ्रीका में बिगड़ रहे हालात
Uganda और Democratic Republic of the Congo में इबोला संक्रमण तेजी से फैल रहा है। डीआरसी में सैकड़ों संदिग्ध मामले और कई मौतें दर्ज की गई हैं। WHO के अनुसार, प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी और इलाज दोनों बड़ी चुनौती बने हुए हैं। भारत सरकार ने प्रभावित देशों की गैर-जरूरी यात्रा से बचने की सलाह जारी की है। वहीं Directorate General of Civil Aviation (DGCA) ने एयरलाइंस को विशेष निर्देश दिए हैं। इसमें फ्लाइट के दौरान इबोला जागरूकता की घोषणा, प्रभावित देशों से आने वाले यात्रियों से सेल्फ-डिक्लेरेशन फॉर्म भरवाना और एयरपोर्ट्स पर स्क्रीनिंग बढ़ाना शामिल है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक, तेज बुखार, सिरदर्द, कमजोरी, उल्टी और कुछ मामलों में रक्तस्राव इबोला के प्रमुख लक्षण हो सकते हैं। हाल ही में अफ्रीकी देशों से लौटे लोगों में ऐसे लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करने की सलाह दी गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन सतर्क रहना बेहद जरूरी है। नागरिकों से अपील की गई है कि वे केवल आधिकारिक स्रोतों से जानकारी लें और अफवाहों पर ध्यान न दें।







