इंग्लैंड में टीम इंडिया का खराब प्रदर्शन, असिस्टेंट कोच बोले- विदेशी पिचों पर ‘अंडरअचीवर्स’ का टैग हटाना होगा

इंग्लैंड के खिलाफ जारी पांच मैचों की टी20 सीरीज में भारतीय टीम का प्रदर्शन अब तक बेहद निराशाजनक रहा है। श्रेयस अय्यर की कप्तानी में टीम इंडिया शुरुआती तीनों मुकाबले हार चुकी है और सीरीज में 0-3 से पिछड़ गई है। लगातार मिली हार के बाद टीम के असिस्टेंट कोच रयान टेन डोएशे ने माना कि विदेशी परिस्थितियों में अच्छा प्रदर्शन करना फिलहाल भारतीय टीम के लिए सबसे बड़ी चुनौती है।
‘विदेशी हालात में खुद को साबित करना होगा’
चौथे टी20 मुकाबले से पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस में टेन डोएशे ने कहा कि सिर्फ यह कहना काफी नहीं है कि टीम को विदेशी परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढालना होगा, बल्कि इसके लिए सही प्रक्रिया अपनानी होगी। उन्होंने स्वीकार किया कि भारतीय टीम घरेलू पिचों पर लगातार अच्छा प्रदर्शन करती है, लेकिन विदेशों में बल्लेबाज अपेक्षित स्तर का प्रदर्शन नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि टीम इंडिया विदेशी दौरों पर ‘अंडरअचीवर्स’ की छवि से बाहर निकले।
टी20 वर्ल्ड कप 2028 को लेकर भी दिया बड़ा संदेश
असिस्टेंट कोच ने कहा कि टीम को अभी से ऑस्ट्रेलिया में होने वाले अगले टी20 वर्ल्ड कप की तैयारी शुरू करनी होगी। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या भारत ऐसी टीम बनना चाहता है जो केवल घरेलू पिचों पर 250 रन बनाए, या ऐसी टीम जो मैनचेस्टर, साउथम्प्टन और मेलबर्न जैसी चुनौतीपूर्ण विदेशी परिस्थितियों में भी मैच जीत सके। उनके मुताबिक, सबसे पहले खिलाड़ियों को यह स्वीकार करना होगा कि विदेशी पिचों पर प्रदर्शन में सुधार की जरूरत है, तभी आगे की रणनीति प्रभावी होगी।
तैयारी के लिए नहीं मिला पर्याप्त समय
टेन डोएशे ने यह भी माना कि खिलाड़ियों को सीरीज की तैयारी के लिए पर्याप्त समय नहीं मिला। उनके अनुसार, बेहतर तैयारी के लिए कम से कम 10 से 15 दिन का समय जरूरी था, लेकिन व्यस्त अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम के कारण ऐसा संभव नहीं हो सका। उन्होंने कप्तान श्रेयस अय्यर की बल्लेबाजी और नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि उन्हें कप्तानी में पूरी तरह सहज होने के लिए थोड़ा समय चाहिए। साथ ही उन्होंने उम्मीद जताई कि जसप्रीत बुमराह और हार्दिक पांड्या की वापसी से टीम इंडिया का प्रदर्शन आने वाले मुकाबलों में काफी मजबूत होगा।







