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ईशा अंबानी ने रखा रिलायंस के एफएमसीजी कारोबार का बड़ा लक्ष्य: वित्त वर्ष 2030 तक ₹1 लाख करोड़ रेवेन्यू

मुंबई। ईशा एम. अंबानी ने रिलायंस के एफएमसीजी कारोबार के लिए बड़ा लक्ष्य सामने रखा है। रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड की 49वीं वार्षिक आम बैठक में उन्होंने कहा कि रिलायंस कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड यानी आरसीपीएल की निकट अवधि की महत्वाकांक्षा वित्त वर्ष 2030 तक ₹1 लाख करोड़ रेवेन्यू तक पहुंचने की है। उनकी दीर्घकालिक महत्वाकांक्षा आरसीपीएल को भारत की सबसे बड़ी एफएमसीजी कंपनियों में से एक बनाने की है, जिसके साथ एक मजबूत ग्लोबल प्लेटफॉर्म भी हो।

आरसीपीएल ने वित्त वर्ष 2026 में ₹22,000 करोड़ का ग्रॉस रेवेन्यू हासिल किया। कंपनी के अनुसार, दूसरी कंपनियों को जिस मुकाम तक पहुंचने में दशकों लगे, आरसीपीएल ने उसे सिर्फ चार वर्षों में हासिल किया। आज आरसीपीएल के प्रोडक्ट्स निर्यात और फ्रेंचाइज बिक्री के जरिए 40 से अधिक देशों में मौजूद हैं।

कैंपा ने वित्त वर्ष 2026 में ₹4,700 करोड़ से अधिक की ग्रॉस सेल्स दर्ज की। दशकों से चली आ रही मार्केट लीडरशिप को चुनौती देने के बाद यह अब भारत का चौथा सबसे बड़ा कार्बोनेटेड सॉफ्ट ड्रिंक्स ब्रांड बन गया है। प्रमुख बाजारों में कैंपा का मार्केट शेयर दो अंकों में पहुंच गया है।

रिलायंस रिटेल ने भी वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में 20 हजार स्टोर का आंकड़ा पार कर लिया। कंपनी के अनुसार, इतने कम समय में एशिया के किसी भी रिटेलर ने यह स्तर हासिल नहीं किया है। वित्त वर्ष 2026 में रिलायंस रिटेल का ग्रॉस रेवेन्यू ₹3,70,026 करोड़ रहा, जो सालाना आधार पर 11.8 प्रतिशत अधिक है।

रिलायंस रिटेल के ग्रॉसरी और क्विक कॉमर्स कारोबार में भी तेज विस्तार दिखा। स्मार्ट बाजार ने 1,000 स्टोर का आंकड़ा पार किया। जियोमार्ट अब भारत के सबसे बड़े क्विक कॉमर्स नेटवर्क्स में से एक बन गया है। यह 3,100 से अधिक स्टोर्स के जरिए 1,200 से अधिक शहरों और 5,100 से अधिक पिन कोड्स में सेवा दे रहा है।

रिलायंस रिटेल किसानों और सप्लाई चेन के साथ अपनी साझेदारी को भी मजबूत कर रहा है। वित्त वर्ष 2026 में कंपनी ने 40 हजार से अधिक किसानों के साथ मिलकर 110 कलेक्शन सेंटर्स के जरिए करीब 5.7 लाख मीट्रिक टन ताजे फल और सब्जियां खरीदीं। कंपनी का कहना है कि इससे उपभोक्ताओं को बेहतर कीमत और किसानों को बेहतर रिटर्न मिला।

रिलायंस अब कंज्यूमर बिजनेस को मैन्युफैक्चरिंग और निर्यात से जोड़ने की तैयारी कर रही है। कंपनी बेवरेजेस, डेली एसेंशियल्स, फूड पार्क्स, गारमेंट्स और किफायती इलेक्ट्रॉनिक्स में बड़े पैमाने पर मैन्युफैक्चरिंग प्लेटफॉर्म बना रही है। अगले तीन वर्षों में आरसीपीएल एकीकृत फूड पार्क्स के नेटवर्क पर ₹30,000 करोड़ का अतिरिक्त निवेश करेगी।

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