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बकरीद से पहले बंगाल में गाय की कुर्बानी पर सियासी बवाल, हुमायूं कबीर बोले- 1400 साल से चल रही परंपरा नहीं रुकेगी

बकरीद से पहले पश्चिम बंगाल की राजनीति में गाय की कुर्बानी को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) के प्रमुख और विधायक हुमायूं कबीर के एक बयान ने राज्य का राजनीतिक तापमान बढ़ा दिया है। हुमायूं कबीर ने कहा है कि कुर्बानी 1400 साल से होती आ रही है और दुनिया रहने तक जारी रहेगी। उन्होंने दावा किया कि कोई भी इसे रोक नहीं सकता।

हुमायूं कबीर ने कहा कि सरकार चाहे कुछ भी कहे, लेकिन कुर्बानी हर हाल में होगी। उन्होंने कहा कि कौन क्या बयान दे रहा है, उस पर वह टिप्पणी नहीं करना चाहते, लेकिन मुसलमानों की धार्मिक परंपरा को रोका नहीं जा सकता। उन्होंने कहा, “अगर कोई कुर्बानी रोकने की कोशिश भी करेगा तो उसकी बात नहीं मानी जाएगी। 1400 साल पहले से यह परंपरा चली आ रही है और आगे भी चलती रहेगी।”

अपने बयान में हुमायूं कबीर ने गाय की कुर्बानी का भी खुलकर जिक्र किया। उन्होंने कहा कि गाय, बकरी, ऊंट और दुम्बा समेत जिन पशुओं की कुर्बानी धार्मिक रूप से जायज मानी जाती है, उनकी कुर्बानी होती रहेगी और इसे कोई नहीं रोक सकता। हुमायूं कबीर इससे पहले भी विवादों में रह चुके हैं। दिसंबर 2025 में उन्होंने मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद के नाम पर नई मस्जिद बनाने का ऐलान किया था। उस बयान के बाद ममता बनर्जी की पार्टी TMC ने उन्हें सस्पेंड कर दिया था। बाद में उन्होंने अपनी नई पार्टी आम जनता उन्नयन पार्टी बनाई और पहली बार चुनाव लड़ते हुए रेजीनगर और नाउदा सीट से जीत दर्ज की।

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