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स्टेज से सत्ता तक भगवंत मान का सफर, बोले- 70 साल का घाटा 4 साल में नहीं भर सकता

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि एक कलाकार के तौर पर वह पहले अपने व्यंग्य के जरिए सिस्टम पर चोट करते थे, लेकिन अब जिम्मेदारी मिलने के बाद उसी सिस्टम को सुधारने का काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जनता ने उनके हाथ में ‘हरा कलम’ दिया है और अब वह नीतियों के जरिए बदलाव लाने की कोशिश कर रहे हैं।

‘विचार मंच’ कार्यक्रम में ‘चुनौतियां और राह’ विषय पर बोलते हुए मान ने स्वीकार किया कि 70 साल का नुकसान चार वर्षों में पूरा करना संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी ने चुनाव में किए कई वादे पूरे किए हैं, लेकिन अभी भी बहुत काम बाकी है। इस दौरान उन्होंने अपने निजी जीवन से लेकर पंजाब के राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों पर खुलकर बात रखी।

मुफ्त योजनाएं जारी रहेंगी

मुख्यमंत्री ने कहा कि 300 यूनिट मुफ्त बिजली जैसी योजनाओं को लेकर विपक्ष ‘रेवड़ियां’ कहता है, लेकिन आम लोगों को राहत देना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि बड़े वादों को ‘जुमला’ बताने वाले गरीबों को मिलने वाली सुविधाओं पर सवाल उठाते हैं। मान ने कहा कि गरीब भले ही सीधे टैक्स न देता हो, लेकिन रोजमर्रा की चीजों पर अप्रत्यक्ष टैक्स जरूर देता है, इसलिए उसे सुविधाएं मिलनी चाहिए।

केंद्र पर भेदभाव का आरोप

मान ने केंद्र सरकार पर पंजाब के साथ भेदभाव का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि किसानों के आंदोलन के बाद केंद्र ने राज्य के 9000 करोड़ रुपये का ग्रामीण विकास फंड रोक रखा है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि मौका मिले तो कुछ लोग राष्ट्रीय गान से पंजाब का नाम हटाने की बात भी कर सकते हैं।

फसल बीमा योजना पर उठाए सवाल

मुख्यमंत्री ने फसल बीमा योजना को फ्लॉप बताते हुए कहा कि इससे किसानों को अपेक्षित लाभ नहीं मिल रहा। उन्होंने दावा किया कि पंजाब सरकार ने फसल नुकसान पर देश में सबसे ज्यादा मुआवजा दिया है। बाढ़ और अन्य प्राकृतिक आपदाओं में किसानों को 20 हजार रुपये प्रति एकड़ तक की सहायता दी गई है और हालिया नुकसान की भरपाई भी जल्द की जाएगी।

पराली और खेती पर बोले

पराली जलाने के मुद्दे पर मान ने कहा कि किसानों को दोष देने के बजाय समस्या की जड़ को समझना होगा। उन्होंने कहा कि धान की फसल के बाद सीमित समय में गेहूं बोने की मजबूरी के चलते किसान पराली जलाते हैं। समाधान के लिए किसानों को प्रोत्साहन और वैकल्पिक व्यवस्था देनी होगी।

शिक्षा और सड़क सुरक्षा पर भी बात

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब में शिक्षा व्यवस्था में सुधार हुआ है। स्कूल ऑफ एमिनेंस के साथ सरकारी स्कूलों में बेहतर सुविधाएं दी गई हैं और अब छात्र जेईई-नीट जैसी परीक्षाओं में भी सफल हो रहे हैं। सड़क सुरक्षा को लेकर उन्होंने बताया कि सड़क सुरक्षा फोर्स के गठन से हादसों में कमी आई है और हर साल हजारों लोगों की जान बचाई जा रही है।

ड्रग्स के मुद्दे पर बोले मान

ड्रग्स के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब को बदनाम किया जाता है, जबकि बड़ी मात्रा में नशीले पदार्थ अन्य राज्यों के पोर्ट से पकड़े जाते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार नशे के खिलाफ लगातार अभियान चला रही है।

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