Main Slideप्रदेश

हाजिरी लगाकर दफ्तर से गायब हुए तो नहीं मिलेगी सैलरी, पंजाब सरकार ने कर्मचारियों को दी सख्त चेतावनी

चंडीगढ़: पंजाब सरकार ने सरकारी कर्मचारियों की कार्यशैली और कार्यालय में मौजूदगी को लेकर सख्ती बढ़ा दी है। कार्मिक विभाग ने कर्मचारियों को निर्देश दिया है कि हाजिरी लगाने के बाद वे निर्धारित कार्य समय के दौरान बिना अनुमति कार्यालय से गायब न रहें। ऐसा करने पर कर्मचारियों पर ‘नो वर्क, नो पे’ का नियम लागू किया जाएगा और अनुपस्थित अवधि का वेतन रोक दिया जाएगा। सरकार ने स्पष्ट किया है कि बिना अनुमति ड्यूटी से गायब पाए जाने वाले कर्मचारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की जाएगी। सभी प्रशासनिक विभागों को इन निर्देशों का कड़ाई से पालन कराने के लिए कहा गया है।

हाजिरी के बाद दफ्तर छोड़ने पर होगी कार्रवाई

सरकार के निर्देशों के मुताबिक, केवल हाजिरी दर्ज कराना पर्याप्त नहीं होगा। कर्मचारियों को अपने निर्धारित कार्यालय समय के दौरान ड्यूटी पर मौजूद रहना होगा। बिना अनुमति कार्यालय से अनुपस्थित रहने की स्थिति में संबंधित कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। कार्मिक विभाग ने सभी विभागों से कहा है कि कर्मचारियों की उपस्थिति और कार्य समय को लेकर जारी निर्देशों का प्रभावी तरीके से पालन सुनिश्चित किया जाए। सरकार का मकसद कार्यालयों में कर्मचारियों की नियमित मौजूदगी और कामकाज की जवाबदेही बढ़ाना है।

बिहार में भी लागू हो चुका है उपस्थिति आधारित वेतन

सरकारी कर्मचारियों की उपस्थिति को लेकर बिहार में भी इसी तरह की व्यवस्था लागू की गई है। वहां सरकारी दफ्तरों में समयपालन, जवाबदेही और कार्य संस्कृति को बेहतर बनाने के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों की बायोमेट्रिक हाजिरी अनिवार्य की गई है। सामान्य प्रशासन विभाग के आदेश के अनुसार, पंचायत से लेकर जिला स्तर तक के सरकारी कार्यालयों में कार्यरत कर्मचारियों और अधिकारियों की उपस्थिति बिहार बायोमेट्रिक अटेंडेंस सिस्टम (BBAS) के जरिए दर्ज की जाती है। इस व्यवस्था के तहत पंचायत, प्रखंड, अनुमंडल और जिला स्तर के कार्यालयों में काम करने वाले सरकारी कर्मचारियों को बायोमेट्रिक प्रणाली से अपनी उपस्थिति दर्ज करनी होती है।

देर से पहुंचने और जल्दी जाने पर भी नजर

बिहार सरकार ने कर्मचारियों के देर से कार्यालय पहुंचने और निर्धारित समय से पहले दफ्तर छोड़ने की शिकायतों के मद्देनजर तकनीक आधारित निगरानी व्यवस्था लागू की है। सरकार का मानना है कि डिजिटल उपस्थिति से कर्मचारियों की वास्तविक मौजूदगी का रिकॉर्ड तैयार होगा और इसमें मानवीय हस्तक्षेप की गुंजाइश भी कम होगी। निर्धारित समय पर कार्यालय नहीं पहुंचने या बिना अनुमति जल्दी चले जाने की स्थिति में कर्मचारी के खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई की जा सकती है। नियमों के तहत जरूरत पड़ने पर अवकाश समायोजन या वेतन में कटौती जैसे कदम भी उठाए जा सकते हैं। सरकार का जोर इस बात पर है कि सरकारी कर्मचारी तय समय पर कार्यालय पहुंचें, पूरे कार्य समय के दौरान ड्यूटी पर मौजूद रहें और सरकारी कामकाज में जवाबदेही व पारदर्शिता सुनिश्चित हो।

Show More

Related Articles

Back to top button
Close
Close