IIT पासआउट ‘फर्जी बाबा’ गिरफ्तार: कृष्ण अवतार बताकर युवतियों का करता था ब्रेनवॉश, दुष्कर्म और ब्लैकमेलिंग के आरोप

उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले के गोवर्धन से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। पुलिस ने खुद को आध्यात्मिक गुरु और भगवान कृष्ण का अवतार बताने वाले अभिषेक मिश्रा उर्फ आदिकर्ता नारायण दास को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर युवतियों को अपने प्रभाव में लेकर उनका ब्रेनवॉश करने, दुष्कर्म करने और अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने जैसे गंभीर आरोप लगे हैं।
पुलिस के अनुसार, आरोपी सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्रवचनों के माध्यम से युवाओं, खासकर पढ़ी-लिखी युवतियों को अपने संपर्क में लाता था। वह धार्मिक और आध्यात्मिक विचारों के जरिए लोगों का विश्वास जीतता था। आरोप है कि इसके बाद वह कथित तौर पर उनका मानसिक रूप से प्रभावी नियंत्रण स्थापित करता और तथाकथित ‘गंधर्व विवाह’ के नाम पर उन्हें अपने जाल में फंसाता था।
जांच में सामने आया है कि आरोपी नशीले पदार्थों का इस्तेमाल कर पीड़िताओं के साथ शारीरिक संबंध बनाता था और उनकी आपत्तिजनक तस्वीरें व वीडियो रिकॉर्ड कर लेता था। बाद में इन्हीं वीडियो और तस्वीरों के आधार पर पीड़िताओं तथा उनके परिवारों को ब्लैकमेल किए जाने के आरोप हैं।
इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब एक पीड़िता ने साहस दिखाते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। अब उसके मोबाइल फोन, डिजिटल रिकॉर्ड और संपर्कों की विस्तृत जांच की जा रही है। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी के संपर्क में आने वाली कई युवतियां उच्च शिक्षित थीं। अब तक जिन पीड़िताओं की जानकारी सामने आई है, उनमें बीटेक, एमटेक और एमबीए जैसी डिग्री धारक युवतियां शामिल बताई जा रही हैं।
अभिषेक मिश्रा मूल रूप से ओडिशा के भुवनेश्वर का रहने वाला है। उसने वर्ष 2017 से 2021 के बीच Indian Institute of Technology Roorkee से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की थी। पढ़ाई पूरी करने के बाद उसने एक बहुराष्ट्रीय कंपनी में नौकरी भी की। बाद में वह आध्यात्मिक जीवन की ओर मुड़ा और वर्ष 2022 में अपनी मां के साथ गोवर्धन के राधाकुंड क्षेत्र में रहने लगा।
बताया जाता है कि वर्ष 2023 में उसने संन्यास लेने का दावा करते हुए अपना नाम आदिकर्ता नारायण दास रख लिया और एक आश्रम की स्थापना की। धीरे-धीरे उसके आसपास युवाओं का एक समूह तैयार हो गया। पुलिस के अनुसार, उसका आईआईटी का शैक्षणिक बैकग्राउंड और प्रभावशाली बोलने की शैली लोगों को प्रभावित करने में मददगार साबित होती थी। कई युवक-युवतियां उसके प्रभाव में आकर गोवर्धन में रहने तक लगे थे। मामले की जांच जारी है और पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस नेटवर्क से और कितने लोग प्रभावित हुए। अधिकारियों का कहना है कि डिजिटल साक्ष्यों की जांच के आधार पर आगे और खुलासे हो सकते हैं।







