सुवेंदु के पीए चंद्रनाथ की हत्या पर फूटा भाजपा का गुस्सा, भाई बोला- किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी, फिर क्यों मारा?

कोलकाता/नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल में भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी के पीए चंद्रनाथ रथ की निर्मम हत्या ने सूबे के सियासी पारे को सातवें आसमान पर पहुंचा दिया है। इस वारदात के बाद जहां भाजपा ने टीएमसी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है, वहीं मृतक के परिवार के विलाप ने हर किसी की आंखें नम कर दी हैं। राज्य की बिगड़ती कानून-व्यवस्था को लेकर अब दिल्ली से लेकर लखनऊ तक बयानबाजी तेज हो गई है।
“आखिरी बार दोपहर 2 बजे हुई थी बात”— भाई का छलका दर्द
चंद्रनाथ रथ की हत्या से उनका परिवार पूरी तरह बिखर गया है। उनके छोटे भाई देव कुमार ने रोते हुए बताया कि कल दोपहर करीब 2 बजे उनकी आखिरी बार चंद्रनाथ से बात हुई थी, जिसके बाद वह कोलकाता के लिए निकले थे। देव कुमार ने कहा, “मेरे भाई की किसी से कोई निजी दुश्मनी नहीं थी। 2021 की चुनावी हिंसा के दौरान भी वह लोगों से शांति की अपील करते थे। जो हमेशा अमन चैन की बात करता था, उसे गोलियों से क्यों भूना गया?” भावुक भाई ने प्रशासन से मांग की है कि इस साजिश के पीछे जो भी चेहरा है, उसे कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए।
भाजपा का टीएमसी पर ‘प्रहार’: “अब गुंडागर्दी का अंत करीब”
इस हत्याकांड को लेकर भाजपा नेताओं ने ममता सरकार की घेराबंदी शुरू कर दी है। भाजपा नेता दिलीप जायसवाल ने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि टीएमसी की “गुंडागर्दी” का अंत अब नजदीक है। उन्होंने साफ लहजे में कहा कि दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। वहीं, राष्ट्रीय लोक मोर्चा के सांसद उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि बंगाल में हिंसा का कल्चर पुराना हो चुका है और अब जनता इस खूनी खेल से ऊब चुकी है।
यूपी के मंत्रियों ने भी घेरा— “अपराधी जाएंगे जेल”
पश्चिम बंगाल की इस वारदात की गूंज उत्तर प्रदेश के गलियारों में भी सुनाई दे रही है। यूपी सरकार के मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि बंगाल की जनता ने सुरक्षा के लिए भाजपा पर भरोसा जताया है। सरकार बनने के बाद चुन-चुनकर अपराधियों को कानून के दायरे में लाकर जेल भेजा जाएगा। वहीं, मंत्री नरेंद्र कुमार कश्यप ने दावा किया कि भाजपा सरकार आने के बाद राज्य में राजनीतिक हिंसा के अध्याय को हमेशा के लिए बंद कर दिया जाएगा।







