मुंबई में ‘डिजिटल अरेस्ट’ का जाल, रिटायर्ड बैंक मैनेजर से 50 दिन में 40.90 लाख की ठगी

महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में साइबर ठगी का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। भांडुप इलाके के एक रिटायर्ड बैंक मैनेजर को ‘डिजिटल अरेस्ट’ के नाम पर करीब 50 दिनों तक मानसिक दबाव में रखकर ठगों ने 40.90 लाख रुपये हड़प लिए। आरोपियों ने खुद को दिल्ली पुलिस और नेशनल इन्वेस्टीगेशन एजेंसी (NIA) का अधिकारी बताकर पीड़ित को डराया। उन्होंने दावा किया कि दिल्ली बम धमाके के एक आरोपी के फोन में पीड़ित का नाम और आधार डिटेल्स मिली हैं, साथ ही उसके नाम पर कर्नाटक के हुबली में खोले गए खाते से करोड़ों की मनी लॉन्ड्रिंग हुई है। जानकारी के मुताबिक, 10 मार्च 2026 को पीड़ित को Signal ऐप पर वीडियो कॉल आया। कॉल करने वालों ने खुद को जांच एजेंसी का अधिकारी बताते हुए कानूनी कार्रवाई की धमकी दी और सुप्रीम कोर्ट का नाम लेकर उसे पूरी तरह डरा दिया।
इसके बाद ‘डिजिटल अरेस्ट’ का हवाला देकर पीड़ित को एक कमरे में अलग रहने और लगातार संपर्क में बने रहने को कहा गया। डर के माहौल में पीड़ित से अलग-अलग बैंक खातों में RTGS के जरिए पैसे ट्रांसफर कराए गए। ठगों ने 11 मार्च को करूर वैश्य बैंक के खाते में 2.90 लाख, 13 मार्च को ICICI बैंक के खाते में 28 लाख और 18 मार्च को इंडसइंड बैंक के खाते में 10 लाख रुपये ट्रांसफर करवा लिए। यह रकम पीड़ित ने अपनी पत्नी के लोन से जुटाई थी।
करीब 50 दिन तक ठगी करने के बाद आरोपियों ने पीड़ित को बताया कि मामला बंद हो गया है और फिर अपने फोन बंद कर दिए। इसके बाद पीड़ित को ठगी का एहसास हुआ और उसने साइबर हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क कर शिकायत दर्ज कराई। फिलहाल मामले की जांच ईस्ट रीजन साइबर पुलिस कर रही है और आरोपियों की तलाश जारी है।







