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मैनपुरी में सहायक डाकपाल ने फांसी लगाकर दी जान, सुसाइड नोट में दो अधिकारियों पर प्रताड़ना के गंभीर आरोप

उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले में डाक विभाग के एक 26 वर्षीय सहायक डाकपाल द्वारा आत्महत्या किए जाने का मामला सामने आया है। मृतक की जेब से मिले तीन पन्नों के सुसाइड नोट में विभाग के दो अधिकारियों पर मानसिक प्रताड़ना और दबाव बनाने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। घटना के बाद परिवार में मातम छा गया, जबकि परिजनों ने आरोपित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए पोस्टमार्टम का विरोध किया। बाद में करीब 10 घंटे बाद पोस्टमार्टम कराया गया।

घर से कुछ दूरी पर फंदे से लटका मिला शव

मृतक की पहचान निखिल वर्मा (26) के रूप में हुई है, जो बिछवा थाना क्षेत्र के रामनगर बरतापुर गांव के रहने वाले थे। तीन भाई-बहनों में निखिल सबसे बड़े थे और पिछले तीन वर्षों से डाक विभाग में कार्यरत थे। वर्तमान में वह बेवर क्षेत्र के मुड़ई डाकघर में असिस्टेंट ब्रांच पोस्ट मास्टर के पद पर तैनात थे। बताया गया कि उनका शव घर से करीब 200 मीटर दूर एक कमरे में गमछे के सहारे फांसी के फंदे पर लटका मिला।

आत्महत्या से पहले सहकर्मी को किया था फोन

परिजनों के अनुसार, आत्महत्या से पहले निखिल ने विभाग के एक सहकर्मी को फोन कर कुछ महत्वपूर्ण बातें बताई थीं। इसके कुछ समय बाद उनका मोबाइल फोन बंद हो गया। जब सहकर्मी ने परिवार को इसकी जानकारी दी तो परिजन मौके पर पहुंचे और निखिल को फंदे से लटका पाया। सूचना मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी।

सुसाइड नोट में लगाए गंभीर आरोप

मौके से बरामद तीन पन्नों के सुसाइड नोट में निखिल ने डाक अधीक्षक एस.के. शुक्ला और मेल ओवरसियर श्याम तिवारी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। नोट में उन्होंने लिखा कि वह मानसिक रूप से बेहद परेशान थे और लगातार प्रताड़ना का सामना कर रहे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि उनसे रुपये मांगे जा रहे थे और नौकरी करने में बाधाएं खड़ी की जा रही थीं। उन्होंने अपनी मौत के लिए दोनों अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

सुसाइड नोट

‘मेरी नौकरी किसी को मत दिलाना’

सुसाइड नोट में निखिल ने अपने माता-पिता से भावुक अपील भी की। उन्होंने लिखा कि उनके निधन के बाद परिवार का कोई सदस्य उनकी नौकरी लेने की कोशिश न करे। उन्होंने लिखा कि नौकरी के कारण ही वह इस स्थिति तक पहुंचे हैं और नहीं चाहते कि उनके भाई-बहन भी इसी तरह की परेशानियों का सामना करें। साथ ही उन्होंने अपने छोटे भाई-बहनों का ख्याल रखने और दोषियों को सजा दिलाने की अंतिम इच्छा भी व्यक्त की।

परिजनों ने लगाया प्रताड़ना का आरोप

घटना के बाद परिवार के लोग और ग्रामीण बड़ी संख्या में थाने पहुंच गए। मृतक के पिता बेटे के शव से लिपटकर रो पड़े। परिजनों का आरोप है कि विभागीय अधिकारियों की प्रताड़ना से तंग आकर निखिल ने आत्महत्या जैसा कदम उठाया। परिवार ने मांग की कि सुसाइड नोट में नामजद अधिकारियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई और गिरफ्तारी की जाए। उनका कहना था कि कार्रवाई से पहले वे पोस्टमार्टम नहीं होने देंगे।

जांच में जुटी पुलिस

घटना की सूचना मिलने पर डाक विभाग के कई कर्मचारी और मृतक के सहकर्मी भी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने सुसाइड नोट को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है। सुसाइड नोट, परिस्थितिजन्य साक्ष्यों और अन्य तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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