Main Slideराष्ट्रीय

क्या भारत के रुख से नाराज हैं रूस और ईरान? वायरल दावों पर विदेश मंत्रालय ने बताया सच

सोशल मीडिया पर इन दिनों BRICS को लेकर कई तरह के दावे वायरल हो रहे थे, जिनमें कहा जा रहा था कि ‘डॉलर मुक्त व्यापार’ के मुद्दे पर भारत और अन्य सदस्य देशों के बीच तनाव पैदा हो गया है। यहां तक कि पाकिस्तान को BRICS में शामिल कर भारत की जगह देने की बातें भी कही जा रही थीं। अब इन सभी दावों पर भारत सरकार ने साफ-साफ जवाब दे दिया है।

क्या था वायरल दावा?

कुछ सोशल मीडिया हैंडल्स ने दावा किया कि भारत ने BRICS के भीतर डॉलर मुक्त व्यापार के प्रस्ताव को रोक दिया, जिससे रूस, चीन और ईरान जैसे देश नाराज हो गए। साथ ही यह भी कहा गया कि भारत खुद को समिट से अलग कर सकता है और उसकी जगह पाकिस्तान को मौका दिया जा सकता है। इन तमाम दावों को खारिज करते हुए विदेश मंत्रालय ने ‘फेक न्यूज अलर्ट’ जारी किया। मंत्रालय ने साफ कहा कि BRICS देशों के बीच किसी तरह की कड़वाहट नहीं है और सोशल मीडिया पर चल रही खबरें पूरी तरह निराधार हैं।

क्या है असली वजह?

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि हाल ही में दिल्ली में BRICS अधिकारियों की बैठक हुई थी। इसमें ‘संयुक्त बयान’ की बजाय ‘अध्यक्ष का बयान’ जारी किया गया। इसकी वजह डॉलर का मुद्दा नहीं, बल्कि मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष को लेकर अलग-अलग विचार थे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि फिलिस्तीन के मुद्दे पर भारत के रुख में कोई बदलाव नहीं आया है और बैठक में शामिल सभी पक्षों ने निष्कर्षों का समर्थन किया।

BRICS में भारत की अहम भूमिका

गौरतलब है कि भारत इस समय BRICS का अध्यक्ष है और समूह को सक्रिय रूप से आगे बढ़ा रहा है। इस संगठन में ब्राजील, रूस, चीन और दक्षिण अफ्रीका जैसे बड़े देश शामिल हैं, जो वैश्विक अर्थव्यवस्था में अहम भूमिका निभाते हैं। BRICS को लेकर सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों पर अब पूरी तरह विराम लग गया है। भारत सरकार ने साफ कर दिया है कि न तो कोई मतभेद है और न ही पाकिस्तान की एंट्री जैसी कोई बात—यानी वायरल दावे पूरी तरह ‘फेक’ हैं।

Show More

Related Articles

Back to top button
Close
Close