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AAP को बड़ा झटका: 7 राज्यसभा सांसदों के बीजेपी में जाने के बाद पंजाब की राजनीति गरमाई, मान सरकार ला सकती है विश्वास प्रस्ताव

आम आदमी पार्टी को बड़ा झटका लगने के बाद पंजाब की सियासत में हलचल तेज हो गई है। पार्टी के 7 राज्यसभा सांसदों के भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने के बाद प्रदेश में सियासी अस्थिरता की अटकलें लगाई जा रही हैं। इन सांसदों में से 6 पंजाब का प्रतिनिधित्व करते थे, जिससे भगवंत मान सरकार पर दबाव बढ़ गया है।

विशेष सत्र से पहले कैबिनेट बैठक

बदलते सियासी घटनाक्रम के बीच मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बड़ा कदम उठाते हुए विधानसभा के विशेष सत्र से पहले कैबिनेट बैठक बुलाने का फैसला किया है। माना जा रहा है कि सरकार अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए रणनीति तैयार कर रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, बीजेपी के कथित ‘ऑपरेशन लोटस’ से बचने के लिए सरकार विधानसभा में विश्वास प्रस्ताव ला सकती है। यदि सरकार सदन में बहुमत साबित कर देती है, तो अगले 6 महीने तक उसकी स्थिरता सुनिश्चित हो सकती है।

1 मई को बुलाया गया विशेष सत्र

पंजाब सरकार ने 1 मई को विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने की घोषणा की है। यह सत्र श्रमिक दिवस के मौके पर कामगारों और कारीगरों को समर्पित होगा। मुख्यमंत्री मान ने सोशल मीडिया के जरिए बताया कि इस अवसर पर श्रमिक संगठनों के प्रतिनिधियों को भी विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित किया जाएगा।इस बीच मुख्यमंत्री भगवंत मान 5 मई को द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात करेंगे। यह मुलाकात पार्टी छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए सांसदों के मुद्दे पर होगी। बताया जा रहा है कि सीएम मान ‘राइट टू रिकॉल’ के तहत इन सांसदों की सदस्यता खत्म कराने की मांग उठा सकते हैं।

विपक्ष का दावा—यह तो शुरुआत है

AAP के सांसदों के जाने के बाद अब यह कयास भी लगाए जा रहे हैं कि कुछ विधायक भी पाला बदल सकते हैं। विपक्षी दलों का कहना है कि यह सिर्फ शुरुआत है और आने वाले दिनों में पार्टी को और झटके लग सकते हैं। राज्यसभा सांसदों के बीजेपी में जाने के बाद पंजाब की राजनीति में उथल-पुथल तेज हो गई है। अब सबकी नजर 1 मई को होने वाले विधानसभा सत्र और सरकार के अगले कदम पर टिकी है।

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