30 अप्रैल को यूपी विधानमंडल का विशेष सत्र, ‘नारी सशक्तीकरण’ पर होगी लंबी चर्चा; विपक्ष पर हमलावर होगी भाजपा

उत्तर प्रदेश विधानमंडल का विशेष सत्र गुरुवार, 30 अप्रैल को आयोजित किया जाएगा। इस सत्र में विधानमंडल के दोनों सदनों में ‘नारी सशक्तीकरण’ विषय पर विस्तृत और निरंतर चर्चा होगी। सत्ता पक्ष इस मुद्दे पर विपक्ष, खासकर कांग्रेस और सपा, को घेरने की तैयारी में है।बुधवार शाम को विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना की अध्यक्षता में कार्य मंत्रणा समिति की बैठक हुई, जिसमें तय किया गया कि इस विशेष सत्र में प्रश्नकाल नहीं होगा। सत्र की शुरुआत औपचारिक कार्यों से होगी, जिसके बाद केवल नारी सशक्तीकरण पर चर्चा जारी रहेगी।
संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना सदन में चर्चा का प्रस्ताव पेश करेंगे। प्रस्ताव में संविधान में लैंगिक समानता के प्रावधानों का जिक्र करते हुए महिलाओं को निर्णय प्रक्रिया में अधिक भागीदारी देने और उनके सामने आने वाली बाधाओं को दूर करने पर जोर दिया जाएगा। साथ ही ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023’ के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी चर्चा होगी।
चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष और विभिन्न दलों के नेता अपने विचार रखेंगे। भाजपा की रणनीति है कि इस विषय पर अधिक से अधिक महिला विधायक अपनी बात रखें। सत्र के अंत में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सदन को संबोधित करेंगे और महिला सशक्तीकरण के लिए सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों को सामने रखेंगे।
विधान परिषद में भी इसी विषय पर चर्चा होगी। परिषद की कार्य परामर्शदात्री समिति की बैठक सभापति कुंवर मानवेन्द्र सिंह की अध्यक्षता में हुई, जिसमें यह तय किया गया कि परिषद में भी ‘नारी सशक्तीकरण’ पर लगातार चर्चा होगी। बैठक में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने भी अपने विचार रखे।
योगी सरकार के कार्यकाल में यह तीसरा मौका है जब किसी खास विषय पर विशेष सत्र बुलाया गया है। इससे पहले 2 अक्टूबर 2019 को सतत विकास लक्ष्यों पर 36 घंटे की चर्चा और 13-14 अगस्त 2024 को ‘विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश विजन 2047’ पर 24 घंटे का सत्र आयोजित किया जा चुका है। इस बार महिला सशक्तीकरण के मुद्दे पर महिलाओं की राजनीतिक, सामाजिक, आर्थिक, शैक्षिक और स्वास्थ्य क्षेत्रों में भागीदारी को लेकर व्यापक मंथन होगा।







