अतीक के बेटे अली को झांसी से प्रयागराज ला रहा था काफिला, पीछे दिखी भाई अहजम की कार तो पुलिस ने रोका

प्रयागराज: माफिया अतीक अहमद के बेटे अली अहमद को झांसी जेल से प्रयागराज लाए जाने के दौरान पुलिस उस समय सतर्क हो गई, जब उसके भाई अहजम की कार भी काफिले के पीछे चलती नजर आई। कौशांबी में पुलिस ने अहजम की गाड़ी को रोककर जांच की और उसे काफिले के साथ आगे चलने से मना कर दिया। पुलिस के मुताबिक, अहजम से पूछताछ में उसने बताया कि उसे जानकारी मिली थी कि अली को जेल से प्रयागराज ले जाया जा रहा है। इसके बाद वह अपनी कार से काफिले के पीछे चल रहा था। हालांकि, वह किस वजह से काफिले के साथ आ रहा था, इसे लेकर पुलिस की ओर से कोई अलग जानकारी सामने नहीं आई है।
सुबह झांसी से निकला था अली का काफिला
जानकारी के अनुसार, अली को लेकर पुलिस का काफिला सुबह करीब 6 बजे झांसी से प्रयागराज के लिए रवाना हुआ था। इसी दौरान अहजम भी अपनी कार से काफिले के पीछे चल रहा था। कौशांबी पहुंचने पर पुलिस की नजर उसकी गाड़ी पर पड़ी। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए पुलिस ने कार को रोक लिया और उसकी जांच-पड़ताल की। पूछताछ के बाद अहजम को काफिले के साथ आगे जाने की अनुमति नहीं दी गई।
पुलिस ने पूछताछ के बाद काफिले से अलग किया
पुलिस की पूछताछ में अहजम ने बताया कि उसे अपने भाई अली को जेल से प्रयागराज लाए जाने की जानकारी मिली थी। इसी वजह से वह पीछे-पीछे आ रहा था। पुलिस ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए उसे काफिले के साथ आगे नहीं चलने दिया। हालांकि, अहजम के काफिले के पीछे आने की वास्तविक वजह को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
छोटे भाई अबान की मौत के बाद पैरोल पर आया था अली
इससे पहले अली को 8 अगस्त को अपने छोटे भाई अबान के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए प्रयागराज लाया गया था। उस समय हाईकोर्ट ने अली और लखनऊ जेल में बंद उसके भाई उमर को पैरोल दी थी। अबान 6 अगस्त को अली से मिलने के लिए जा रहा था। इसी दौरान झांसी में हाईवे पर उसकी कार डिवाइडर से टकरा गई थी। हादसे में अबान की मौत हो गई थी।
तीन साल से जेल में बंद है अली
अली अहमद करीब तीन साल से जेल में बंद है। उसने 30 जुलाई 2022 को प्रयागराज की अदालत में सरेंडर किया था। इसके बाद उसे नैनी सेंट्रल जेल भेजा गया था। 17 जून 2025 को उसकी बैरक से नकदी बरामद होने की बात सामने आई थी। इसके बाद उसे सिक्योरिटी सेल में शिफ्ट कर दिया गया। बाद में 1 अक्टूबर 2025 को अली को झांसी जेल स्थानांतरित किया गया। अब झांसी से प्रयागराज लाए जाने के दौरान उसके भाई की गाड़ी के काफिले के पीछे दिखाई देने की घटना के बाद पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था और सतर्कता एक बार फिर चर्चा में है।



