फ्रांस का बड़ा फैसला: सरकारी सिस्टम से Windows हटेगा, Linux को मिलेगा बढ़ावा

दुनिया भर में कंप्यूटर ऑपरेटिंग सिस्टम के क्षेत्र में लंबे समय से माइक्रोसॉफ्ट का दबदबा रहा है, जहां अधिकांश कंप्यूटर Windows पर चलते हैं। लेकिन अब इस स्थिति में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। फ्रांस सरकार ने अपने सभी सरकारी विभागों से Windows हटाने और उसकी जगह Linux अपनाने का निर्णय लिया है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, फ्रांस सरकार का मानना है कि Windows जैसे सिस्टम पर अमेरिकी कंपनियों का नियंत्रण रहता है, जिससे संवेदनशील सरकारी डेटा की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी रहती है। इसके विपरीत Linux एक ओपन सोर्स ऑपरेटिंग सिस्टम है, जिसमें जरूरत के अनुसार बदलाव किए जा सकते हैं और डेटा पर अधिक नियंत्रण रखा जा सकता है।
इस फैसले के पीछे वैश्विक राजनीतिक और आर्थिक परिस्थितियां भी अहम मानी जा रही हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों, खासकर टैरिफ और अंतरराष्ट्रीय तनावों के चलते कई देश अमेरिकी कंपनियों पर निर्भरता कम करने की दिशा में कदम उठा रहे हैं। फ्रांस पहले ही कुछ वैश्विक मुद्दों पर अमेरिका से अलग रुख अपना चुका है।
फ्रांस का यह कदम ‘डिजिटल संप्रभुता’ की दिशा में एक बड़ा संकेत माना जा रहा है, जिसमें देश अपनी तकनीक और डेटा पर खुद का नियंत्रण रखना चाहता है। रिपोर्ट्स के अनुसार यूरोपियन यूनियन भी अब अमेरिकी और चीनी टेक कंपनियों पर निर्भरता कम कर अपने डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत बनाने की योजना पर काम कर रहा है। इस बदलाव से आने वाले समय में वैश्विक टेक इंडस्ट्री पर भी बड़ा असर पड़ सकता है।







