हिमाचल सरकार ने 2025 की आपदा प्रभावितों को 150 करोड़ रुपये से अधिक की राहत दी

हिमाचल प्रदेश सरकार ने वर्ष 2025 में हुई भारी बारिश और प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित परिवारों को राहत प्रदान की है। जिन परिवारों के मकान रहने योग्य नहीं रहे, उन्हें किराये के लिए 8 करोड़ 97 लाख 90 हजार रुपये वित्तीय सहायता के रूप में जारी किए गए हैं। साथ ही, क्षतिग्रस्त घरों के पुनर्निर्माण के लिए 141 करोड़ 61 लाख रुपये की पहली किस्त लाभार्थियों को दी गई है।
प्रभावित परिवार और मकानों की स्थिति
वर्ष 2025 की आपदाओं में प्रदेशभर में लगभग 16,488 परिवार प्रभावित हुए। इसमें 2,246 मकान पूर्णतः क्षतिग्रस्त और 7,888 मकान आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए। सरकार ने विशेष राहत पैकेज के तहत मुआवजा राशि में कई गुना वृद्धि की है।
राहत राशि और पैकेज की विशेषताएँ
सरकार ने पूर्णतया क्षतिग्रस्त मकानों के लिए दी जाने वाली राहत राशि को 1.30 लाख रुपये से बढ़ाकर 7 लाख रुपये किया है। आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त कच्चे और पक्के मकानों के लिए सहायता राशि 1 लाख रुपये तय की गई है।घरेलू उपयोग की वस्तुओं के नुकसान पर राहत राशि को मकान मालिकों के लिए 2,500 रुपये से बढ़ाकर 1 लाख रुपये और किरायेदारों के लिए 50 हजार रुपये कर दिया गया है।
किराए की अतिरिक्त सुविधा
सरकार ने शहरी क्षेत्रों में प्रभावित प्रत्येक परिवार को 10,000 रुपये और ग्रामीण क्षेत्रों में 5,000 रुपये प्रति परिवार के हिसाब से किराया भी उपलब्ध कराया। इस योजना से ग्रामीण क्षेत्रों के 2,817 परिवार और शहरी क्षेत्रों के 88 परिवार लाभान्वित हुए हैं।
सरकारी प्रयास और प्राथमिकताएँ
सरकार ने पिछले वर्षों में भी प्राकृतिक आपदाओं के दौरान विशेष राहत पैकेज जारी किए हैं। वर्ष 2023 की आपदा में केंद्रीय टीम के अनुसार 9,042 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था। हिमाचल सरकार ने राहत और पुनर्वास कार्यों को विशेष प्राथमिकता दी और अपने संसाधनों से प्रभावित परिवारों को वित्तीय सहायता प्रदान की।इस पहल से आपदा प्रभावित परिवारों को मकान पुनर्निर्माण और जीवनयापन में महत्वपूर्ण मदद मिल रही है।







