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आज़म खान के ठिकानों पर ED की बड़ी कार्रवाई, 10 जगहों पर छापेमारी

समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आज़म खान से जुड़े ठिकानों पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) की छापेमारी बुधवार सुबह से जारी है। यह कार्रवाई जौहर यूनिवर्सिटी और मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच के तहत की जा रही है। ED के लखनऊ जोनल ऑफिस ने मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA) की धारा 17 के तहत रामपुर, सहारनपुर और दिल्ली में कुल 10 ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया है। जांच के दायरे में आज़म खान से जुड़े परिसरों के साथ-साथ ट्रस्ट और जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े ठिकाने भी शामिल हैं।

सरकारी फंड को दूसरी जगह लगाने का आरोप

ED की जांच के मुताबिक, कुछ सरकारी कॉन्ट्रैक्टर्स और मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट के बीच पैसों के लेन-देन के सबूत मिले हैं। आरोप है कि सरकारी कॉन्ट्रैक्ट से जुड़े फंड को निजी कॉन्ट्रैक्टर्स के जरिए दूसरी जगह लगाया गया और बाद में उसका इस्तेमाल ट्रस्ट और यूनिवर्सिटी से जुड़ी संपत्तियों व निर्माण कार्यों में किया गया। जांच एजेंसी यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि सरकारी कॉन्ट्रैक्ट से जुड़े पैसों को ट्रस्ट या यूनिवर्सिटी तक किस तरह पहुंचाया गया। छापेमारी के दौरान वित्तीय रिकॉर्ड, दस्तावेज और डिजिटल सबूत जुटाए जा रहे हैं।

जौहर यूनिवर्सिटी भी कानूनी विवादों में

जौहर यूनिवर्सिटी पिछले कुछ समय से कई कानूनी मामलों को लेकर चर्चा में है। यूनिवर्सिटी की 40 में से 38 इमारतों को गिराने के रामपुर विकास प्राधिकरण (RDA) के आदेश पर मुरादाबाद कमिश्नर कोर्ट ने अंतरिम रोक लगा रखी है। इस मामले में अगली सुनवाई 25 अगस्त को होनी है।

ट्रस्ट के रजिस्ट्रेशन पर भी कार्रवाई

मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट के रजिस्ट्रेशन को लेकर भी विवाद चल रहा है। टैक्स विभाग की ओर से नोटिस जारी किए जाने के बाद ट्रस्ट का रजिस्ट्रेशन कथित नियमों के उल्लंघन के चलते रद्द कर दिया गया था। साथ ही ट्रस्ट को अपना स्टेटस बदलकर ‘एसोसिएशन ऑफ पर्सन्स’ करने का आदेश दिया गया था। फिलहाल ED की कार्रवाई जारी है और तलाशी पूरी होने के बाद जांच से जुड़े दस्तावेजों और सबूतों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा सकती है।

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