बांग्लादेश में सैन्य अभ्यास के दौरान चीनी Type 59 टैंक में ब्लास्ट, 2 जवानों की मौत अधिकारी घायल

ढाका: बांग्लादेश में सैन्य अभ्यास के दौरान एक बड़ा हादसा हो गया। चट्टोग्राम के हथाजारी स्थित फील्ड फायरिंग रेंज में अभ्यास के दौरान चीन निर्मित Type 59 टैंक में अचानक धमाका हो गया। हादसे में बांग्लादेश सेना के दो जवानों की मौत हो गई, जबकि एक सैन्य अधिकारी गंभीर रूप से घायल बताया जा रहा है।
गोला दागते समय हुआ धमाका
सामने आई जानकारी के मुताबिक, बुधवार को बांग्लादेशी सेना के जवान फील्ड फायरिंग अभ्यास में हिस्सा ले रहे थे। इसी दौरान Type 59 टैंक से फायरिंग की गई और अचानक उसमें विस्फोट हो गया। बताया जा रहा है कि धमाका टैंक की बैरल के अंदर हुआ। हादसे में दो सैनिकों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक अधिकारी घायल हो गए। घायल अधिकारी को बेहतर इलाज के लिए एयरलिफ्ट कर ढाका स्थित कंबाइंड मिलिट्री हॉस्पिटल (CMH) ले जाया गया है।
हादसे का वीडियो भी आया सामने
घटना से जुड़ा एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें फायरिंग के दौरान टैंक में अचानक आग और धमाका होता दिखाई दे रहा है। वीडियो सामने आने के बाद यह घटना सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गई है। हालांकि, हादसे के वीडियो के आधार पर विस्फोट की तकनीकी वजह तय नहीं की जा सकती। टैंक की खराब गुणवत्ता या किसी विशेष सुरक्षा खामी को हादसे का कारण बताए जाने की पुष्टि अभी आधिकारिक तौर पर नहीं हुई है।
हादसे की वजह पता लगाने में जुटी सेना
बांग्लादेश सेना के इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (ISPR) की ओर से बताया गया है कि हादसे के कारणों का पता लगाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि विस्फोट किस तकनीकी या परिचालन कारण से हुआ। सेना की जांच पूरी होने के बाद ही हादसे की वास्तविक वजह सामने आने की उम्मीद है।
Type 59 टैंक को लेकर चर्चा तेज
हादसे के बाद चीन में निर्मित Type 59 टैंक की सुरक्षा और विश्वसनीयता को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। हालांकि, किसी एक घटना के आधार पर पूरे सैन्य प्लेटफॉर्म की गुणवत्ता पर निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी। बांग्लादेश की सेना की जांच रिपोर्ट से ही यह स्पष्ट होगा कि इस दुर्घटना के पीछे असल कारण क्या था। यह हादसा ऐसे समय में हुआ है जब बांग्लादेश के पाकिस्तान, तुर्की और सऊदी अरब के साथ रक्षा सहयोग को लेकर भी चर्चाएं चल रही हैं। हालांकि, मौजूदा टैंक हादसे और इन कूटनीतिक घटनाक्रमों के बीच किसी सीधे संबंध की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।







