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सावन के तीसरे सोमवार पर हरिद्वार में उमड़ेगा आस्था का सैलाब, कैलाशानंद गिरि जी महाराज की 22 घंटे की साधना बनी आकर्षण का केंद्र

कांवड़ यात्रा का समापन होने के बाद भी धर्मनगरी हरिद्वार में आस्था का प्रवाह थमने का नाम नहीं ले रहा है। सावन के तीसरे सोमवार को हरिद्वार में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने की संभावना है। इसका एक प्रमुख आकर्षण निरंजन पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि जी महाराज की साधना और उनके दर्शन-आशीर्वाद को लेकर श्रद्धालुओं में दिखाई दे रही गहरी आस्था है।

कांवड़ यात्रा के दौरान हरिद्वार में जिस तरह श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ा, उसके बाद अब तीसरे सोमवार को भी बड़ी संख्या में शिवभक्तों के पहुंचने की उम्मीद है। दक्षिण काली मंदिर स्थित पूज्य गुरुदेव के आश्रम में चल रही उनकी 22 घंटे की कठोर साधना श्रद्धालुओं और देश-दुनिया में चर्चा का विषय बनी हुई है।

पूज्य गुरुदेव की तपस्या को देखने और उनका आशीर्वाद लेने के लिए श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह दिखाई दे रहा है। उनकी साधना को देखकर देश ही नहीं, पूरी दुनिया के श्रद्धालु और सनातन संस्कृति से जुड़े लोग आश्चर्यचकित हैं। कठिन साधना, मौन, संयम और शिव आराधना के प्रति उनका समर्पण लोगों को आध्यात्मिक रूप से प्रेरित कर रहा है।

सावन के तीसरे सोमवार पर हरिद्वार में गंगा स्नान, भगवान शिव के जलाभिषेक और पूज्य गुरुदेव के दर्शन-आशीर्वाद के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ और बढ़ने की संभावना है। कांवड़ यात्रा समाप्त होने के बाद भी हरिद्वार का आध्यात्मिक आकर्षण बना हुआ है और कैलाशानंद गिरि जी महाराज की साधना इस समय श्रद्धा के इस केंद्र को नई ऊंचाई दे रही है।

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