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मानसून सत्र समाप्त: हंगामे के बीच संसद से 12 अहम बिल पास, चर्चा सिर्फ एक पर

संसद का 2026 का मानसून सत्र गुरुवार को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित होने के साथ समाप्त हो गया। पूरे सत्र के दौरान विपक्ष के लगातार हंगामे और गतिरोध के बावजूद केंद्र सरकार ने 12 महत्वपूर्ण विधेयक पारित करा लिए। हालांकि, संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने माना कि चर्चा के लिहाज से यह सत्र संतोषजनक नहीं रहा।

‘वंदे मातरम्’ के साथ हुई कार्यवाही की शुरुआत

गुरुवार सुबह लोकसभा की कार्यवाही राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ के साथ शुरू हुई। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सदन में मौजूद रहे। राष्ट्रगीत के बाद लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सदन की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करने की घोषणा कर दी।

हंगामे के बीच पास हुए अहम विधेयक

विपक्ष के विरोध और बहस में भाग नहीं लेने के बावजूद सरकार ने कई महत्वपूर्ण विधेयकों को लोकसभा से पारित करा लिया। इनमें खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन विधेयक, केरल राज्य का आधिकारिक नाम ‘केरलम’ करने संबंधी विधेयक, सुप्रीम कोर्ट (न्यायाधीशों की संख्या) संशोधन विधेयक और कराधान एवं अन्य विधियां (संशोधन) विधेयक शामिल हैं। इसके अलावा, विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक (FCRA), 2026 को जांच के लिए संयुक्त संसदीय समिति (JPC) के पास भेजने का प्रस्ताव भी लोकसभा ने ध्वनिमत से मंजूर किया।

राज्यसभा में भी पारित हुआ खान एवं खनिज विधेयक

राज्यसभा में भी खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 पारित हो गया। केंद्रीय खान मंत्री जी. किशन रेड्डी ने सदन में विधेयक पेश किया। हालांकि, चर्चा के दौरान विपक्ष ने नारेबाजी की, जिसके चलते प्रश्नकाल भी प्रभावित रहा।

किरण रिजिजू बोले- कामकाज अच्छा, लेकिन चर्चा नहीं हुई

सत्र समाप्त होने के बाद संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि मानसून सत्र के दौरान कुल 12 विधेयक पारित किए गए, लेकिन भारी हंगामे के कारण सिर्फ एक विधेयक पर ही विस्तृत चर्चा हो सकी। उन्होंने कहा कि लोकसभा में निर्धारित समय का केवल 19% और राज्यसभा में 39% ही प्रभावी उपयोग हो सका। रिजिजू के मुताबिक, लोकसभा में 11 विधेयक बिना चर्चा के पारित हुए, जो लोकतांत्रिक बहस के लिहाज से संतोषजनक स्थिति नहीं है।

इन मुद्दों पर रहा सबसे ज्यादा हंगामा

पूरे मानसून सत्र के दौरान नीट पेपर लीक, राम मंदिर चढ़ावा मामले में कथित गड़बड़ी और जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई जैसे मुद्दों पर विपक्ष ने लगातार सरकार को घेरा। विपक्ष ने सदन में गृह मंत्री की मौजूदगी और इन मामलों पर सरकार से जवाब की भी मांग की, जिसके चलते कई बार दोनों सदनों की कार्यवाही बाधित रही।

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