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बिहार गति परियोजनाओं की समीक्षा: CM सम्राट चौधरी ने दिए सख्त निर्देश, बंद टीबी केंद्र दोबारा खोलने और सड़क परियोजनाएं तेज करने पर जोर

पटना: बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने ‘बिहार गति’ के तहत चिह्नित बड़ी परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को सभी लंबित कार्यों को तय समय सीमा के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि परियोजनाओं में आ रही बाधाओं का तत्काल समाधान किया जाए, ताकि विकास कार्यों में किसी प्रकार की देरी न हो। मंगलवार को लोक सेवक आवास स्थित ‘संकल्प’ सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने 100 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली परियोजनाओं और केंद्र प्रायोजित योजनाओं की प्रगति का जायजा लिया। बैठक में जल संसाधन, पथ निर्माण और स्वास्थ्य विभाग से जुड़ी प्रमुख योजनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई।

कोसी-मेची परियोजना और सड़क निर्माण में तेजी लाने के निर्देश

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि मानसून समाप्त होते ही कोसी-मेची नदी जोड़ परियोजना का कार्य तेज गति से शुरू किया जाए। साथ ही उत्तर कोयल जलाशय और मंडई वीयर परियोजना की नियमित निगरानी कर समयबद्ध तरीके से पूरा करने पर जोर दिया। पथ निर्माण विभाग की समीक्षा के दौरान उन्होंने वाराणसी-रांची-कोलकाता सिक्स लेन कॉरिडोर, आमस-दरभंगा फोर लेन और कन्हौली-शेरपुर (एनएच-131जी) सिक्स लेन परियोजना में भूमि अधिग्रहण, वन विभाग की स्वीकृति और अन्य प्रशासनिक बाधाओं को जल्द दूर करने के निर्देश दिए।

टीबी मुक्त बिहार अभियान को गति देने पर जोर

स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने बंद पड़े सभी टीबी (तपेदिक) केंद्रों को दोबारा संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग और जांच कर टीबी मरीजों की पहचान की जाए तथा जिन क्षेत्रों में संक्रमण के अधिक मामले हैं, वहां विशेष अभियान चलाया जाए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि 2 जुलाई से 14 अगस्त तक चल रहे टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत प्रखंड, पंचायत और गांव स्तर तक व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जाए। साथ ही मरीजों को समय पर इलाज, पोषण सहायता और आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराई जाएं।

सीएसआर से 2000 करोड़ रुपये जुटाने की योजना

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अधिकारियों को कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) के माध्यम से 2000 करोड़ रुपये जुटाने के लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल विकास, खेल, महिला सशक्तीकरण और अन्य जनकल्याणकारी क्षेत्रों में सीएसआर फंड का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करने के लिए उद्योगों और कॉरपोरेट संस्थानों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित किया जाए। बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह तथा पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अपर मुख्य सचिव आनंद किशोर सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

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