‘पंजाब में एक भी पेपर लीक नहीं हुआ’, आरोपों पर बोले CM भगवंत मान, कहा- यहां सिर्फ मेरिट पर मिलती है नौकरी

चंडीगढ़: पंजाब में पेपर लीक के आरोपों के बीच मुख्यमंत्री भगवंत मान ने स्पष्ट कहा है कि उनकी सरकार के कार्यकाल में राज्य में एक भी पेपर लीक नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि हाल ही में सामने आया मामला पेपर लीक का नहीं, बल्कि ब्लूटूथ डिवाइस के जरिए नकल कराने का था, जिस पर पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की।
‘साढ़े चार साल में एक भी पेपर लीक नहीं’
मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा, “हमारी सरकार के साढ़े चार साल पूरे हो चुके हैं, लेकिन इस दौरान पंजाब में एक भी पेपर लीक नहीं हुआ। हाल ही में फार्मेसी की परीक्षा के दौरान ब्लूटूथ वाले पेन और हेडफोन के जरिए नकल कराने की कोशिश की गई थी, जिसकी जानकारी परीक्षा शुरू होने के कुछ ही मिनटों में मिल गई।” उन्होंने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए 10 परीक्षार्थियों और बाहर से नकल कराने वाले 11 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। उनके मुताबिक, परीक्षा प्रक्रिया प्रभावित नहीं हुई और पेपर पूरी तरह सुरक्षित रहा।
‘पंजाब में सिर्फ मेरिट पर काम होता है’
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब में भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी है और यहां नौकरियां केवल योग्यता के आधार पर दी जाती हैं। उन्होंने कहा, “पंजाब में सिर्फ मेरिट पर काम होता है। यहां पेपर लीक नहीं होते और बिना किसी पैसे के योग्य उम्मीदवारों को नौकरी मिलती है।
बीजेपी के आरोपों पर भी दिया जवाब
बीजेपी द्वारा संसद में पंजाब के पेपर लीक मुद्दे पर विरोध दर्ज कराने के सवाल पर भगवंत मान ने पलटवार किया। उन्होंने कहा, “बीजेपी पहले अपने मुद्दे संभाले। हमारी सरकार अब तक 68,800 से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां दे चुकी है और किसी से एक रुपया तक नहीं लिया गया। पंजाब में अब पुरानी व्यवस्था खत्म हो चुकी है। बीजेपी, कांग्रेस और अकाली दल को अपनी चिंता करनी चाहिए, झाड़ू की नहीं।”मुख्यमंत्री ने दोहराया कि उनकी सरकार पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया और मेरिट आधारित चयन के लिए प्रतिबद्ध है।







