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अमेरिका-ईरान में छिड़ा भीषण युद्ध, जॉर्डन में 2 अमेरिकी सैनिकों की मौत के बाद भड़के ट्रंप, ईरान पर महाबमबारी शुरू

वॉशिंगटन/तेहरान: मिडिल ईस्ट (मध्य पूर्व) से इस वक्त की सबसे बड़ी और खौफनाक खबर सामने आ रही है। अमेरिका और ईरान के बीच का तनाव अब एक पूर्ण युद्ध में तब्दील हो चुका है। दोनों देशों की ओर से एक-दूसरे पर विनाशकारी हमले जारी हैं। जॉर्डन में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकाने पर ईरान द्वारा किए गए भीषण ड्रोन और मिसाइल हमले में 2 अमेरिकी सैनिकों की मौत हो गई है, जबकि कई घायल हैं। इस दुस्साहस से भड़के अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को नेस्तनाबूद करने के सीधे आदेश दे दिए हैं, जिसके बाद अमेरिकी वायुसेना ने दक्षिणी ईरान के कई शहरों पर कहर बरपाना शुरू कर दिया है।

जॉर्डन में अमेरिकी बेस पर ईरानी हमला, 2 सैनिकों की मौत

अमेरिकी रक्षा विभाग (पेंटागन) के मुताबिक, शुक्रवार रात को ईरान समर्थित ताकतों ने जॉर्डन में मौजूद अमेरिकी सैन्य बेस को निशाना बनाकर ताबड़तोड़ ड्रोन और बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। इस अचानक हुए सुनियोजित हमले में 2 अमेरिकी सैनिक मारे गए, 4 गंभीर रूप से घायल हो गए और एक सैनिक लापता बताया जा रहा है। हमले में अमेरिकी बेस को भी भारी नुकसान पहुंचा है।

राष्ट्रपति ट्रंप गुस्से में लाल, दिए सीधे तबाही के आदेश

अपने सैनिकों की मौत की खबर मिलते ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप आगबबूला हो गए। उन्होंने तुरंत व्हाइट हाउस में हाई-लेवल मीटिंग बुलाई और अमेरिकी सेना को ईरान पर अब तक की सबसे बड़ी जवाबी कार्रवाई का आदेश दे दिया। ट्रंप के निर्देश मिलते ही अमेरिकी लड़ाकू विमानों ने ईरान के ठिकानों पर बमों की बारिश कर दी।

यूएस सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने आधिकारिक बयान जारी कर इस सैन्य कार्रवाई की पुष्टि की है: “कमांडर-इन-चीफ (राष्ट्रपति ट्रंप) के सीधे आदेश पर अमेरिकी सेना ने ईरान के खिलाफ बड़े हवाई हमले शुरू कर दिए हैं। इन हमलों का मकसद होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में वाणिज्यिक जहाजों को निशाना बनाने की ईरान की क्षमता को पूरी तरह खत्म करना है। साथ ही, यह उन इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के बलों को सजा है, जिन्होंने जॉर्डन में अमेरिकी सैनिकों को निशाना बनाया।”

दक्षिणी ईरान में अमेरिकी वायुसेना का कहर, कांप उठे कई शहर

ट्रंप के आदेश के बाद अमेरिकी एयरफोर्स के लड़ाकू विमानों ने दक्षिणी ईरान के कई शहरों में मौजूद सैन्य ठिकानों और IRGC के हेडक्वार्टर्स को निशाना बनाया है। रात भर हुई इस भीषण बमबारी से पूरे ईरान में हड़कंप मच गया है। कई इलाकों से धुएं के गुबार और धमाकों की आवाजें सुनी जा रही हैं।

मिडिल ईस्ट में मंडराया महायुद्ध का खतरा

अमेरिका ने साफ कर दिया है कि 17 जुलाई को जॉर्डन में हुए इस कायरतापूर्ण हमले के पीछे सीधे तौर पर ईरान की सेना IRGC का हाथ था और इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस ताजा सैन्य कार्रवाई के बाद मिडिल ईस्ट में हालात बेहद नाजुक और खतरनाक हो चुके हैं। दुनिया भर के रक्षा विशेषज्ञों को डर है कि अगर यह जंग तुरंत नहीं रुकी, तो यह एक वैश्विक महायुद्ध का रूप ले सकती है।

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