मुजफ्फरनगर में चर्चा का विषय बनीं दो महिलाओं की कांवड़ यात्रा, हरिद्वार से गंगाजल लेकर पहुंचीं, सनातन अपनाने का किया दावा

सावन महीने में कांवड़ यात्रा अपने चरम पर है। लाखों शिवभक्त हरिद्वार से गंगाजल लेकर अपने-अपने गंतव्य की ओर बढ़ रहे हैं। इसी बीच उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में शुक्रवार को एक ऐसी कांवड़ यात्रा चर्चा का विषय बन गई, जिसने राहगीरों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। हरिद्वार से गंगाजल लेकर पहुंचीं दो महिलाओं का स्थानीय लोगों और हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने स्वागत किया।
जानकारी के अनुसार, गाजियाबाद निवासी तमन्ना मलिक और अनीशा हरिद्वार से कांवड़ में गंगाजल लेकर यात्रा कर रही हैं। मुजफ्फरनगर पहुंचने पर दोनों का फूल-मालाओं से स्वागत किया गया। बातचीत के दौरान दोनों महिलाओं ने दावा किया कि उन्होंने सनातन धर्म अपना लिया है और इसी आस्था के साथ कांवड़ यात्रा कर रही हैं।
तमन्ना मलिक ने कहा कि उन्होंने अपनी इच्छा से सनातन धर्म अपनाया है। उन्होंने यह भी दावा किया कि वह अपने परिवार की सुख-शांति और समृद्धि की कामना के लिए कांवड़ यात्रा कर रही हैं। तमन्ना ने बताया कि यह उनकी पहली कांवड़ यात्रा नहीं है। इससे पहले भी वह कांवड़ यात्रा कर चुकी हैं। तमन्ना ने कहा कि उन्होंने यात्रा पर निकलने से पहले अपने पति और परिवार की सहमति ली थी। उनके पति भी इस यात्रा में उनके साथ मौजूद हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें किसी तरह का भय नहीं है और वह अपनी आस्था के अनुसार जीवन जी रही हैं।
बताया जाता है कि संभल की रहने वाली तमन्ना ने अमन त्यागी से प्रेम विवाह किया था, जिसे दोनों परिवारों ने स्वीकार कर लिया था। कांवड़ यात्रा के दौरान जब श्रद्धालुओं ने उन्हें देखा तो कई लोगों ने उनका स्वागत किया और शुभकामनाएं दीं। इस बीच, कांवड़ यात्रा के दौरान मुजफ्फरनगर से गुजर रहे लाखों श्रद्धालुओं के बीच सामाजिक सौहार्द की भी कई तस्वीरें सामने आई हैं। विभिन्न समुदायों के लोगों द्वारा कांवड़ियों की सेवा और सहयोग की पहल को स्थानीय स्तर पर सकारात्मक संदेश के रूप में देखा जा रहा है।







