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UP में ‘डिजी रोवर’ अभियान की शुरुआत: 15 अगस्त तक 79 हजार भूमि पैमाइश मामलों के निस्तारण का लक्ष्य

उत्तर प्रदेश सरकार ने भूमि पैमाइश और सीमांकन से जुड़े लंबित मामलों के त्वरित निस्तारण के लिए राज्यव्यापी ‘डिजी रोवर (GNSS) विशेष भूमि पैमाइश अभियान’ शुरू किया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को सहारनपुर से इस अभियान का शुभारंभ किया। यह विशेष अभियान 1 जुलाई से 15 अगस्त तक प्रदेश की सभी तहसीलों में चलाया जाएगा, जिसमें अत्याधुनिक ग्लोबल नेविगेशन सैटेलाइट सिस्टम (GNSS) आधारित डिजी रोवर तकनीक के जरिए भूमि की सटीक पैमाइश और सीमांकन किया जाएगा।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार का लक्ष्य राजस्व सेवाओं को अधिक पारदर्शी, सरल, समयबद्ध और तकनीक आधारित बनाना है। उन्होंने बताया कि नई तकनीक से भूमि की पैमाइश पहले की तुलना में अधिक सटीक होगी, जिससे सीमांकन संबंधी त्रुटियां कम होंगी और भूमि विवादों में भी कमी आएगी। इससे किसानों और आम नागरिकों को समय पर राजस्व सेवाओं का लाभ मिल सकेगा।

तकनीक से घटेंगे भूमि विवाद

मुख्यमंत्री ने कहा कि लंबे समय तक भूमि की पैमाइश पारंपरिक जरीब जैसी विधियों से की जाती रही, लेकिन बदलते समय में आधुनिक तकनीक अपनाना आवश्यक हो गया है। उन्होंने कहा कि डिजी रोवर तकनीक के उपयोग से राजस्व प्रशासन अधिक प्रभावी, पारदर्शी और जवाबदेह बनेगा। साथ ही भूमि से जुड़े विवादों और अनावश्यक मुकदमेबाजी में भी कमी आएगी।उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अभियान को मिशन मोड में पूरी गंभीरता और पारदर्शिता के साथ संचालित किया जाए, ताकि प्रत्येक पात्र नागरिक को समयबद्ध और निष्पक्ष तरीके से इसका लाभ मिल सके। उन्होंने यह भी कहा कि पैमाइश की पूरी प्रक्रिया तकनीकी मानकों के अनुरूप सुनिश्चित की जाए।

79 हजार से अधिक लंबित मामलों के निस्तारण का लक्ष्य

राज्य में वर्तमान में धारा-24 के तहत भूमि पैमाइश और सीमांकन से जुड़े करीब 79,157 मामले लंबित हैं। सरकार ने इस विशेष अभियान के माध्यम से इन सभी मामलों का गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके लिए राजस्व परिषद ने सभी जिलों को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। अभियान की उच्चस्तरीय निगरानी राजस्व परिषद की अध्यक्ष अर्चना अग्रवाल करेंगी, जबकि इसकी नियमित समीक्षा और प्रगति की मॉनिटरिंग आयुक्त एवं सचिव, राजस्व परिषद की ओर से की जाएगी।

सभी राजस्व अधिकारी करेंगे समन्वित कार्य

राजस्व परिषद की अध्यक्ष अर्चना अग्रवाल ने बताया कि अभियान के सफल संचालन के लिए मंडलायुक्त, जिलाधिकारी, अपर जिलाधिकारी (राजस्व), उपजिलाधिकारी, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक और लेखपाल समन्वित रूप से कार्य करेंगे। सभी अधिकारियों को निर्धारित समय सीमा के भीतर अधिकतम लंबित मामलों का निस्तारण करने का लक्ष्य दिया गया है। सरकार का मानना है कि यह अभियान न केवल भूमि पैमाइश से जुड़े लंबित मामलों के समाधान में तेजी लाएगा, बल्कि किसानों के भूमि अधिकारों की सुरक्षा, भूमि विवादों में कमी और तकनीक आधारित सुशासन को भी मजबूत करेगा।

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