तमिलनाडु में विजय कैबिनेट का पहला विस्तार: 23 विधायकों ने ली मंत्री पद की शपथ, 59 साल बाद सरकार में शामिल हुई कांग्रेस

तमिलनाडु की राजनीति में गुरुवार का दिन बेहद अहम रहा। मुख्यमंत्री विजय ने अपने मंत्रिमंडल का पहला बड़ा विस्तार करते हुए 23 विधायकों को मंत्री पद की शपथ दिलाई। राज्यपाल ने सभी नए मंत्रियों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस विस्तार को राज्य की राजनीति में बड़े बदलाव और नए राजनीतिक संदेश के तौर पर देखा जा रहा है। कैबिनेट विस्तार में सहयोगी दलों की भूमिका भी चर्चा में रही। VCK ने आज औपचारिक रूप से विजय सरकार में एंट्री कर ली, जबकि IUML ने फिलहाल मंत्रिमंडल विस्तार से दूरी बनाए रखी है। पार्टी का कहना है कि उसके दो विधायकों में से किसे मंत्री बनाया जाए, इस पर अभी अंतिम फैसला नहीं हो पाया है।
इस विस्तार के साथ तमिलनाडु में कांग्रेस का 59 साल पुराना इंतजार भी खत्म हो गया। करीब छह दशक बाद कांग्रेस राज्य सरकार में शामिल हुई है। कांग्रेस के 5 विधायकों में से 2 को मंत्री बनाया गया है, जबकि VCK के 2 विधायकों में से 1 विधायक को कैबिनेट में जगह मिली है। तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में TVK ने अपने दम पर 108 सीटें जीती थीं, लेकिन बहुमत के लिए 118 सीटों की जरूरत थी। इसके बाद कांग्रेस, लेफ्ट और IUML के समर्थन से सरकार का गठन हुआ। फ्लोर टेस्ट के दौरान AIADMK के 24 बागी विधायकों ने भी विजय सरकार का समर्थन किया था। सदन में विजय के पक्ष में कुल 144 विधायक खड़े हुए थे, जो बहुमत के आंकड़े से 26 ज्यादा थे।
मंत्री पद की शपथ लेने वालों में श्रीनाथ, कमली एस., सी. विजयलक्ष्मी, आर.वी. रंजीतकुमार, विनोद, राजीव, बी. राजकुमार, वी. गांधीराज, मथन राजा पी, जेगादेश्वरी के, राजेश कुमार एस., एम. विजय बालाजी, लोगेश तमिलसेल्वन डी., विजय तमिलन पार्थीबन, रमेश, पी. विश्वनाथन, कुमार आर., तेन्नारासु के., वी. संपत कुमार, मोहम्मद फरवास जे., डी. सरथकुमार, एन. मैरी विल्सन और विग्नेश के. शामिल हैं।







