पश्चिम बंगाल में मतगणना से पहले बवाल, फाल्टा में प्रदर्शन, बीजेपी ने री-पोलिंग की उठाई मांग

पश्चिम बंगाल में 4 मई को होने वाली मतगणना से पहले राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। 2 मई को दक्षिण 24 परगना जिले के 15 मतदान केंद्रों पर दोबारा मतदान कराया जा रहा है। इसी बीच फाल्टा इलाके में हंगामे की खबर सामने आई है, जहां बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।
फाल्टा में स्थानीय लोगों ने तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं पर धमकाने का आरोप लगाया है। एक वायरल वीडियो में इलाके में तनावपूर्ण स्थिति और लोगों की भीड़ देखी जा सकती है। हालात को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
प्रदर्शन में शामिल कई महिलाओं ने अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता जताई और आरोप लगाया कि उन्हें डराया-धमकाया जा रहा है। एक महिला ने दावा किया कि टीएमसी से जुड़े एक व्यक्ति ने उन्हें गंभीर धमकी दी है। वहीं दूसरी महिला ने आरोप लगाया कि पार्टी को वोट देने के बावजूद उनके साथ हिंसा की गई। मामले पर स्थानीय पुलिस प्रशासन का कहना है कि स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है। एडिशनल एसपी ने बताया कि धमकी से जुड़ी शिकायत पर केस दर्ज कर लिया गया है और लोगों की मांगों को सुना जा रहा है।
वहीं भारतीय जनता पार्टी ने फाल्टा में भी दोबारा मतदान की मांग उठाई है। पार्टी का आरोप है कि कुछ मतदान केंद्रों पर ईवीएम में कमल के निशान वाले बटन के साथ छेड़छाड़ की गई। सोशल मीडिया पर इससे जुड़े वीडियो और तस्वीरें भी सामने आई हैं। बीजेपी नेता शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि फाल्टा क्षेत्र के कई बूथों पर पुनर्मतदान होना चाहिए था। वहीं केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार ने भी कहा कि 15 बूथों पर री-पोलिंग का फैसला पर्याप्त नहीं है और फाल्टा पर अब तक कोई स्पष्ट निर्णय नहीं लिया गया है।
गौरतलब है कि 29 अप्रैल को दूसरे चरण के मतदान के दौरान कई जगहों से हिंसा और ईवीएम से छेड़छाड़ की शिकायतें सामने आई थीं। सबसे ज्यादा शिकायतें फाल्टा क्षेत्र से ही मिली थीं। ऐसे में अब नजर चुनाव आयोग के फैसले पर टिकी है, जो आज इस मुद्दे पर बड़ा निर्णय ले सकता है।







