रामनवमी पर इकबाल अंसारी ने पेश की गंगा-जमुनी तहजीब, अयोध्या में सूर्य तिलक का अलौकिक दृश्य

रामनवमी के पावन अवसर पर अयोध्या पूरे हर्षोल्लास से गूंज रही है। भगवान राम के जन्मोत्सव को लेकर शहर में विशेष तैयारियां की गई हैं और देशभर से श्रद्धालु रामलला के दर्शन के लिए रामनगरी पहुंचे हैं। दोपहर 12 बजे रामलला के मस्तक पर सूर्य की किरणों से विशेष सूर्य तिलक का अलौकिक दृश्य भक्तों के लिए देखने को मिलेगा।
रामनवमी के इस पर्व पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। भारी भीड़ को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है। मंदिर परिसर को फूलों, रोशनी और दिव्य श्रृंगार से सजाया गया है। वैज्ञानिक तकनीक (मिरर और लेंस की व्यवस्था) के माध्यम से सूर्य देव की किरणें रामलला के माथे पर लगभग चार मिनट तक पड़ेंगी, जो भक्तों के लिए आकर्षण का केंद्र बन गई है।
बाबरी मस्जिद-राम जन्मभूमि मामले में पूर्व पक्षकार इकबाल अंसारी ने इस अवसर पर गंगा-जमुनी तहजीब का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि रामनवमी का मेला भक्ति और सद्भाव का प्रतीक है। अयोध्या में हिंदू-मुस्लिम सौहार्द की मिसाल पेश करते हुए उन्होंने सुरक्षा गार्ड को भगवान राम की मूर्ति भेंट की। इकबाल अंसारी ने सभी से अपील की कि भगवान के बताए मार्ग पर चलना हमारी श्रद्धा का मूल है।






