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बिहार में बाढ़ का बढ़ा संकट, CM सम्राट चौधरी आज करेंगे हवाई सर्वे 38 शिक्षकों को देंगे राजकीय सम्मान

पटना: बिहार में बाढ़ की स्थिति लगातार चिंता बढ़ा रही है। राज्य की कई नदियों का जलस्तर बढ़ने के साथ प्रमुख बैराजों से भी बड़ी मात्रा में पानी छोड़ा जा रहा है। ऐसे में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी शनिवार को बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई निरीक्षण करेंगे। इस दौरान वह प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति के साथ राहत और बचाव कार्यों की भी समीक्षा करेंगे। मुख्यमंत्री का आज का कार्यक्रम काफी व्यस्त रहने वाला है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के दौरे के अलावा वह शिक्षक दिवस के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल होंगे और राज्य के चयनित 38 शिक्षकों को राजकीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित करेंगे।

पटना में 38 शिक्षकों का सम्मान

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी शनिवार को पटना के गांधी मैदान स्थित श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में आयोजित शिक्षक दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल होंगे। यहां शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर योगदान देने वाले राज्य के 38 चयनित शिक्षकों को राजकीय शिक्षक पुरस्कार प्रदान किया जाएगा।

बेगूसराय से शुरू होगा बाढ़ का हवाई सर्वे

शिक्षक सम्मान समारोह के बाद मुख्यमंत्री बाढ़ प्रभावित इलाकों का जायजा लेने के लिए हवाई सर्वेक्षण करेंगे। कार्यक्रम के मुताबिक वह सबसे पहले बेगूसराय के प्रभावित क्षेत्रों का हवाई निरीक्षण करेंगे। इसके बाद IOCL गेस्ट हाउस में संबंधित अधिकारियों के साथ बाढ़ की स्थिति और राहत कार्यों को लेकर समीक्षा बैठक करेंगे। इसके बाद मुख्यमंत्री मुंगेर, सुल्तानगंज, भागलपुर और नवगछिया के बांध क्षेत्रों का भी हवाई निरीक्षण करेंगे। दौरे के दौरान बाढ़ प्रभावित इलाकों की स्थिति और प्रशासन की ओर से किए जा रहे राहत-बचाव कार्यों का जायजा लिया जाएगा।

सोन बैराज से 5.18 लाख क्यूसेक पानी

जल संसाधन विभाग के आंकड़ों के मुताबिक सोन, कोसी और गंडक बैराजों से लगातार पानी छोड़ा जा रहा है। शुक्रवार दोपहर 2 बजे तक इंद्रपुरी स्थित सोन बैराज से करीब 5.18 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया। सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे के बीच डिस्चार्ज में करीब 43,741 क्यूसेक की बढ़ोतरी दर्ज की गई। विभाग के मुताबिक सोन बैराज की डिजाइन डिस्चार्ज क्षमता 14.58 लाख क्यूसेक है। बढ़ते जलप्रवाह को देखते हुए नदी के आसपास के निचले इलाकों और गांवों पर विशेष नजर रखी जा रही है।

कोसी बैराज से 1.91 लाख क्यूसेक डिस्चार्ज

बीरपुर स्थित कोसी बैराज से शुक्रवार दोपहर 1 और 2 बजे करीब 1.91 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इससे पहले सुबह 11 बजे डिस्चार्ज 2,02,310 क्यूसेक था, जो दोपहर तक घटकर 1,91,175 क्यूसेक रह गया। जल संसाधन विभाग ने कोसी बैराज की स्थिति को फिलहाल स्थिर बताया है। हालांकि, नदी के जलस्तर में होने वाले बदलाव को देखते हुए तटबंधों और आसपास के इलाकों की लगातार निगरानी की जा रही है।

गंडक बैराज से 1.42 लाख क्यूसेक पानी

वाल्मीकिनगर स्थित गंडक बैराज से भी शुक्रवार सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक करीब 1,42,800 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इस दौरान डिस्चार्ज में खास बदलाव नहीं हुआ। गंडक बैराज की डिजाइन डिस्चार्ज क्षमता 8.50 लाख क्यूसेक बताई गई है। गंडक नदी के आसपास पहले से जलभराव और बाढ़ की स्थिति वाले क्षेत्रों में प्रशासन की नजर बनी हुई है। अधिकारियों का फोकस निचले इलाकों में संभावित खतरे को देखते हुए स्थिति पर लगातार निगरानी रखने पर है।

पटना लौटकर दही-हांडी कार्यक्रम में होंगे शामिल

बाढ़ प्रभावित इलाकों के हवाई निरीक्षण और अधिकारियों के साथ समीक्षा के बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पटना लौटेंगे। यहां गांधी मैदान में आयोजित दही-हांडी सांस्कृतिक कार्यक्रम में भी उनके शामिल होने का कार्यक्रम है। इस तरह शनिवार को मुख्यमंत्री का दिन बाढ़ की स्थिति की समीक्षा, राहत-बचाव कार्यों की निगरानी और शिक्षक दिवस समारोह में शिक्षकों के सम्मान के बीच व्यस्त रहेगा।

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