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Khelo India: पीएम मोदी का युवाओं से सीधा संवाद, बोले- जो खेलते हैं वो खिलते हैं, खेल जिंदगी की चुनौतियों से लड़ना सिखाता है

नई दिल्ली, 27 अगस्त 2026। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को देश के युवाओं और छात्रों से ‘खेलो इंडिया संवाद’ के जरिए सीधा संवाद किया। कार्यक्रम में अलग-अलग जगहों से छात्र-छात्राएं जुड़े और पीएम मोदी ने उनसे खेल, युवा शक्ति और विकसित भारत के लक्ष्य को लेकर बातचीत की। केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री मनसुख मंडाविया भी कार्यक्रम में मौजूद रहे। पीएम मोदी ने युवाओं को नए विचारों और प्रयोगों के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि उनके मन में नए आइडिया आने चाहिए। उन्होंने कहा कि खेल सिर्फ मैदान तक सीमित नहीं हैं, बल्कि जीवन की चुनौतियों का सामना करने का आत्मविश्वास भी देते हैं।

लाल किले से देश के सामने रखा स्पोर्ट्स विजन

प्रधानमंत्री ने 15 अगस्त के अपने संबोधन का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने लाल किले से देश के सामने भारत के खेलों को लेकर एक व्यापक विजन रखा था। उनके मुताबिक खेलों को केवल पदक जीतने के नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत की खेल क्षमता और युवा शक्ति को एक साथ जोड़कर विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई जा सकती है। पीएम ने युवाओं से खेलों को जीवन का हिस्सा बनाने की अपील की।

‘जो खेलते हैं, वे खिलते हैं’

पीएम मोदी ने कहा कि ‘जो खेलते हैं, वे खिलते हैं’। उन्होंने समझाया कि खेल में आगे बढ़ने का अर्थ केवल प्रतियोगिता जीतना या पदक हासिल करना नहीं है। किसी खिलाड़ी की सफलता उसके परिवार, स्कूल, कॉलेज, जिले और राज्य की प्रतिष्ठा से भी जुड़ती है। प्रधानमंत्री के मुताबिक जब कोई खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाता है तो उसकी उपलब्धि से पूरे क्षेत्र की पहचान मजबूत होती है। दुनिया उस खिलाड़ी के साथ उसके शहर और राज्य को भी जानने लगती है।

खेलों को राष्ट्रीय प्राथमिकता बनाने पर जोर

केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री मनसुख मंडाविया ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में युवाओं और खेलों को पहले से अधिक प्राथमिकता मिली है। मंडाविया ने कहा कि प्रधानमंत्री ने युवाओं को भारत का वर्तमान और भविष्य मानते हुए उन्हें विकसित भारत के संकल्प से जोड़ा है। उन्होंने कहा कि खेलों को केवल मनोरंजन या गतिविधि के रूप में देखने के बजाय देश की प्राथमिकताओं में शामिल किया गया है। उन्होंने कहा कि युवाओं की ऊर्जा और खेल प्रतिभा को सही दिशा देकर भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य को मजबूत किया जा सकता है।

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