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रक्षा बंधन पर CM धामी को बहनों ने बांधी राखी, बोले- मातृशक्ति का स्नेह उत्तराखंड के विकास के लिए देता है नई ऊर्जा

देहरादून, 27 अगस्त 2026। रक्षा बंधन के अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कैंप कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों से आई महिलाओं और बहनों ने उन्हें रक्षा सूत्र बांधा। बहनों ने मुख्यमंत्री के स्वस्थ और दीर्घायु जीवन की कामना की। मुख्यमंत्री ने भी सभी का आत्मीय स्वागत करते हुए आभार जताया और प्रदेशवासियों को रक्षा बंधन की शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि रक्षा बंधन भाई-बहन के स्नेह, विश्वास और सुरक्षा के संकल्प का पर्व है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की मातृशक्ति और बहनों का आशीर्वाद उन्हें राज्य की सेवा और विकास के लिए लगातार प्रेरित करता है। उन्होंने कहा कि महिलाएं परिवार की आधारशिला होने के साथ समाज और देश की प्रगति में भी अहम भूमिका निभा रही हैं।

महिलाओं के सम्मान और सशक्तीकरण पर जोर

सीएम धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और आर्थिक आत्मनिर्भरता को प्राथमिकता दी है। उन्होंने लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण के प्रावधान का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना, लखपति दीदी अभियान, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना और बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ जैसी योजनाओं से महिलाओं और बेटियों के जीवन में बदलाव आया है।

उत्तराखंड में 3 लाख से ज्यादा महिलाएं बनीं लखपति दीदी

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में लखपति दीदी योजना को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। उनके मुताबिक प्रदेश में अब तक 3 लाख 9 हजार से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं स्थानीय उत्पाद, खेती, हस्तशिल्प और स्वरोजगार से जुड़ी गतिविधियों के जरिए अपनी आय बढ़ा रही हैं। इससे महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत होने के साथ प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी गति मिल रही है।

सरकारी सेवाओं में महिलाओं को 30 फीसदी आरक्षण

सीएम धामी ने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं के कल्याण और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए कई स्तरों पर काम कर रही है। सरकारी सेवाओं में महिलाओं को 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण दिया जा रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव योजना, मुख्यमंत्री महिला स्वयं सहायता समूह सशक्तीकरण योजना और मुख्यमंत्री महालक्ष्मी योजना का भी जिक्र किया। मुख्यमंत्री के मुताबिक इन योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को स्वरोजगार और आजीविका के नए अवसर मिल रहे हैं। सरकार महिला स्वयं सहायता समूहों के स्थानीय उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने और उनकी आय बढ़ाने के लिए भी काम कर रही है।

राज्य आंदोलन से विकास तक महिलाओं की अहम भूमिका

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखंड के निर्माण से लेकर राज्य के विकास तक मातृशक्ति की भूमिका महत्वपूर्ण रही है। आज प्रदेश की महिलाएं शिक्षा, स्वास्थ्य, प्रशासन, कृषि, उद्यमिता, स्वरोजगार और सामाजिक क्षेत्र समेत अलग-अलग क्षेत्रों में अपनी क्षमता साबित कर रही हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं की भागीदारी के बिना सशक्त उत्तराखंड और विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करना संभव नहीं है। इस दौरान गीता पुष्कर धामी, विधायक सविता कपूर, आशा नौटियाल, भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष रुचि भट्ट समेत विभिन्न क्षेत्रों से आई महिलाएं मौजूद रहीं।

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