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PM मोदी का बड़ा दावा: अंतिम चरण में नक्सलवाद, ‘दिमागी नक्सलवाद’ से भी देश को बचाने की अपील

नई दिल्ली: 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नक्सलवाद और माओवाद को देश के विकास में बड़ी बाधा बताया। उन्होंने कहा कि 21वीं सदी के भारत के लिए जरूरी है कि दशकों से चली आ रही उन चुनौतियों को समाप्त किया जाए, जिन्होंने देश की प्रगति को प्रभावित किया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि नक्सलवाद और माओवाद ने बड़ी संख्या में युवाओं का भविष्य प्रभावित किया और कई परिवारों के सपनों को तोड़ा। उनके मुताबिक, करीब चार दशकों तक नक्सलवाद ने देश के कई हिस्सों में हिंसा और भय का माहौल बनाए रखा।

‘हथियार वाले नक्सलवाद से ज्यादा खतरनाक दिमागी नक्सलवाद’

पीएम मोदी ने कहा कि आज देश के सामने हथियारबंद नक्सलवाद के साथ-साथ एक वैचारिक चुनौती भी है। उन्होंने कहा कि ‘दिमागी नक्सलवाद’ हथियारबंद नक्सलवाद से भी अधिक खतरनाक हो सकता है और देश को इससे भी बचाना होगा।

प्रधानमंत्री ने कहा कि नक्सल हिंसा के खिलाफ लड़ाई में आम नागरिकों की सुरक्षा करते हुए 3,500 से अधिक पुलिसकर्मियों और सुरक्षा बलों के जवानों ने अपने प्राणों की आहुति दी। उन्होंने नक्सलवाद को देश के लिए लंबे समय तक गंभीर चुनौती बताते हुए कहा कि इससे प्रभावित क्षेत्रों में अब परिस्थितियां तेजी से बदल रही हैं।

‘नक्सलवाद अपने अंतिम चरण में’

प्रधानमंत्री ने कहा कि 2014 में उनकी सरकार बनने के बाद नक्सलवाद को समाप्त करने का संकल्प लिया गया था। उन्होंने दावा किया कि अब नक्सली और माओवादी हिंसा में पहले जैसी ताकत नहीं बची है और यह समस्या अपने अंतिम चरण में पहुंच गई है।

उन्होंने कहा कि सरकार नक्सलवाद को पूरी तरह खत्म करने की दिशा में आगे बढ़ रही है और प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा के साथ-साथ विकास और लोगों का भरोसा मजबूत करने पर भी काम किया जा रहा है।

‘जहां गोलियां गूंजती थीं, वहां आज तिरंगा लहरा रहा’

प्रधानमंत्री ने कहा कि जिन क्षेत्रों में कभी नक्सलियों की गोलियां सुनाई देती थीं और हिंसा का माहौल था, वहां अब विकास और विश्वास का वातावरण बन रहा है। उन्होंने कहा कि इन नक्सल प्रभावित इलाकों में आज तिरंगा शान से लहरा रहा है और ये क्षेत्र नक्सलवाद-मुक्त भारत की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।

व्यापार समझौतों को बताया बड़ा अवसर

अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने भारत की आर्थिक क्षमता का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि देश के पास स्थिर राजनीतिक जनादेश, मजबूत सरकार, जीवंत लोकतंत्र, न्याय व्यवस्था और मार्गदर्शन देने वाला संविधान है। पीएम मोदी ने हाल में हुए व्यापार समझौतों को भारत के लिए बड़ा अवसर बताते हुए MSME सेक्टर से इसका पूरा लाभ उठाने की अपील की। उन्होंने कहा कि वैश्विक बाजारों में बढ़ती संभावनाओं का फायदा उठाकर भारतीय छोटे और मध्यम उद्योगों को अपनी उत्पादन क्षमता, गुणवत्ता और प्रतिस्पर्धा को मजबूत करना चाहिए।प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत को आगे बढ़ने के लिए सुरक्षा, विकास, लोकतांत्रिक संस्थाओं और आर्थिक अवसरों को एक साथ मजबूत करना होगा।

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