अमरनाथ यात्रा शुरू, पीएम मोदी ने श्रद्धालुओं को लिखा पत्र; यात्रा के लिए दिए 5 संकल्प

पवित्र अमरनाथ यात्रा की शुरुआत हो गई है। बारिश के बीच बालटाल और पहलगाम बेस कैंप से श्रद्धालुओं का पहला जत्था बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए रवाना हुआ। पहले दिन 10 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने यात्रा शुरू की। बालटाल मार्ग से जाने वाले श्रद्धालुओं के गुरुवार शाम तक पवित्र गुफा पहुंचने की संभावना है, जबकि पहलगाम मार्ग से जाने वाले श्रद्धालु अगले दिन दर्शन करेंगे। इस वर्ष अमरनाथ यात्रा 28 अगस्त तक चलेगी। यात्रा के शुभारंभ पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने श्रद्धालुओं के नाम एक पत्र जारी कर उन्हें शुभकामनाएं दीं और पांच संकल्प लेने का आग्रह किया।
अमरनाथ यात्रा को बताया आध्यात्मिक परंपरा का प्रतीक
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संदेश में कहा कि अमरनाथ यात्रा में शामिल होना प्रत्येक श्रद्धालु के लिए सौभाग्य की बात है। उन्होंने कहा कि बाबा बर्फानी के दर्शन का यह अवसर लाखों शिवभक्तों के लिए जीवन का अविस्मरणीय अनुभव होता है। देश और दुनिया के विभिन्न हिस्सों से श्रद्धालु इस पवित्र यात्रा में शामिल होकर भारत की सांस्कृतिक एकता और सनातन परंपरा का परिचय देते हैं। उन्होंने कहा कि श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड, जम्मू-कश्मीर प्रशासन, सुरक्षाबलों और विभिन्न विभागों के कर्मचारी हर वर्ष सेवा भाव से यात्रा को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
सुरक्षाबलों और सेवा में जुटे लोगों का जताया आभार
प्रधानमंत्री ने भारतीय सेना, सीआरपीएफ, जम्मू-कश्मीर पुलिस, आईटीबीपी, बीएसएफ, एनडीआरएफ, स्वास्थ्यकर्मियों, प्रशासनिक अधिकारियों, सफाई कर्मचारियों और यात्रा में सेवा दे रहे सभी स्वयंसेवकों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यात्रा के दौरान जम्मू-कश्मीर के स्थानीय नागरिक श्रद्धालुओं का आत्मीय स्वागत करते हैं, जबकि देशभर से आए लोग भंडारों और लंगरों के माध्यम से निःस्वार्थ सेवा की परंपरा को आगे बढ़ाते हैं।
पीएम मोदी ने श्रद्धालुओं से लिए 5 संकल्प
प्रधानमंत्री ने अमरनाथ यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं से पांच संकल्प लेने की अपील की—
- स्वच्छता का संकल्प: यात्रा मार्ग पर स्वच्छता बनाए रखें और सफाई अभियान में अपना योगदान दें।
- सुरक्षा नियमों का पालन: प्रशासन के निर्देशों, यातायात नियमों और सुरक्षा संबंधी सभी दिशा-निर्देशों का पालन करें। बारिश, फिसलन और ठंड से बचाव के लिए आवश्यक सावधानी बरतें।
- ‘वोकल फॉर लोकल’ को बढ़ावा: यात्रा के दौरान अपने कुल खर्च का कम से कम 10 प्रतिशत स्थानीय उत्पादों की खरीद पर खर्च करें, ताकि जम्मू-कश्मीर के स्थानीय परिवारों और युवाओं को आर्थिक लाभ मिल सके।
- ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान: अमरनाथ यात्रा के समापन दिवस रक्षाबंधन पर अपने भाई या बहन को एक पौधा उपहार में दें और पर्यावरण संरक्षण का संदेश फैलाएं।
- राष्ट्र प्रथम का संकल्प: पूरे वर्ष अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से पालन करते हुए विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय योगदान दें।
श्रद्धालुओं को दी शुभकामनाएं
प्रधानमंत्री ने अपने संदेश के अंत में विश्वास जताया कि अमरनाथ यात्रा सनातन धर्म की आस्था, भारत की सांस्कृतिक एकता और सेवा की परंपरा का भव्य उत्सव बनेगी। उन्होंने बाबा बर्फानी से सभी श्रद्धालुओं की सुरक्षित, मंगलमय और सफल यात्रा की कामना करते हुए कहा कि यह यात्रा सभी के जीवन में नई ऊर्जा, नई चेतना और आध्यात्मिक शक्ति का संचार करे।







