कर्णप्रयाग विवाद पर सीएम धामी सख्त: बोले- अराजकता नहीं होगी बर्दाश्त, भड़काऊ पोस्ट करने वालों पर भी होगी कार्रवाई

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कर्णप्रयाग प्रकरण को लेकर सरकार का रुख स्पष्ट करते हुए कहा है कि चारधाम और हेमकुंड साहिब यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की अराजकता या कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच जारी है और दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
प्रदेश भाजपा कार्यालय में आयोजित पार्टी के विभिन्न प्रकोष्ठों की बैठक के दौरान मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि चारधाम और हेमकुंड साहिब यात्रा पूरी तरह सुचारू रूप से संचालित हो रही है। यात्रा मार्ग पर सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं और श्रद्धालुओं का देवभूमि उत्तराखंड में स्वागत है। उन्होंने कहा कि सरकार यात्रियों की सुरक्षा और शांतिपूर्ण यात्रा सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। वहीं, कर्णप्रयाग और नगरासू की घटनाओं को लेकर पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) दीपम सेठ ने कहा कि इंटरनेट मीडिया पर भड़काऊ, भ्रामक और आपत्तिजनक सामग्री प्रसारित करने वाले लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
डीजीपी ने बताया कि कर्णप्रयाग और नगरासू में हुए घटनाक्रम का पुलिस और प्रशासन ने विभिन्न सामाजिक संगठनों के सहयोग से धैर्य और संयम के साथ सफलतापूर्वक निस्तारण किया। उन्होंने कहा कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में रही, लेकिन इसके बावजूद कुछ लोगों द्वारा सोशल मीडिया पर अमर्यादित भाषा और आपत्तिजनक टिप्पणियां किए जाने के मामले सामने आए हैं, जिन्हें गंभीरता से लिया गया है। संबंधित अधिकारियों को ऐसे मामलों में तत्काल कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
डीजीपी दीपम सेठ ने चारधाम और हेमकुंड साहिब यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं से अपील की कि वे उत्तराखंड की धार्मिक परंपराओं, सांस्कृतिक मान्यताओं और स्थानीय रीति-रिवाजों का सम्मान करें। उन्होंने कहा कि यात्रा के दौरान ऐसा कोई व्यवहार या टिप्पणी न करें, जिससे जनभावनाएं आहत हों या सामाजिक सौहार्द प्रभावित हो।






