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होर्मुज में बढ़ा तनाव, अमेरिका-ईरान टकराव के बीच फायरिंग और हमलों से हालात बिगड़े

मध्य पूर्व में एक बार फिर तनाव तेजी से बढ़ता नजर आ रहा है। Strait of Hormuz को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच टकराव गहराता जा रहा है। दोनों देशों के बीच फायरिंग और हमलों की खबरों ने हालात को और गंभीर बना दिया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका ने ईरानी नौकाओं को निशाना बनाया, जिसमें पांच लोगों की मौत होने की सूचना है।

इस बीच Donald Trump ने ईरान को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि अगर ईरान ने अमेरिकी जहाजों पर हमला किया तो उसे “धरती के नक्शे से मिटा दिया जाएगा।” ट्रंप ने अपने एक बयान में यह भी दावा किया कि ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ के तहत अमेरिकी सेना ने ईरान की सात तेज रफ्तार नावों को समुद्र में नष्ट कर दिया है।

अमेरिका ने यह भी आरोप लगाया कि ईरान ने एक दक्षिण कोरियाई कार्गो जहाज को निशाना बनाया। हालांकि, अमेरिकी अधिकारियों ने अपने नौसैनिक जहाज पर हमले के दावे को खारिज करते हुए उसे पूरी तरह मनगढ़ंत बताया। इसी बीच होर्मुज स्ट्रेट से वाणिज्यिक जहाजों को सुरक्षित निकालने का अभियान तेज कर दिया गया है और दो अमेरिकी झंडे वाले जहाज इस मार्ग को पार भी कर चुके हैं।

तनाव के बीच सोमवार (4 मई) को United Arab Emirates ने दावा किया कि ईरान ने उसके कुछ ठिकानों पर ड्रोन और रॉकेट से हमला किया। यूएई के मुताबिक, उसकी एयर डिफेंस सिस्टम ने 19 मिसाइल और ड्रोन को रोकने की कोशिश की, लेकिन फुजैरा ऑयल इंडस्ट्री जोन में एक ड्रोन हमले के बाद भीषण आग लग गई। इस हमले में तीन भारतीय नागरिक घायल हुए हैं।

इस घटना पर Ministry of External Affairs India ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। मंत्रालय ने कहा कि नागरिकों और सिविल इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाना अस्वीकार्य है और इसे तुरंत रोका जाना चाहिए। भारत ने क्षेत्र में शांति और स्थिरता के लिए बातचीत और कूटनीति पर जोर दिया है, साथ ही अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत होर्मुज जलडमरूमध्य में निर्बाध आवाजाही की मांग की है।

वहीं ईरान ने यूएई पर हमले के आरोपों से इनकार किया है। ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने कहा कि किसी भी राजनीतिक संकट का समाधान सैन्य कार्रवाई नहीं हो सकता। उन्होंने चेतावनी दी कि गलत फैसले क्षेत्र को और गहरे संकट में धकेल सकते हैं।

‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ अमेरिका द्वारा मई 2026 में शुरू किया गया एक सैन्य अभियान है, जिसका उद्देश्य बढ़ते तनाव के बीच होर्मुज स्ट्रेट में फंसे व्यापारिक जहाजों को सुरक्षित बाहर निकालना है। मौजूदा हालात को देखते हुए यह अभियान अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है।

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