नोएडा में गैस सिलेंडर के लिए लंबी कतारें, लोग सुबह 3 बजे से लगा रहे लाइन

नोएडा में गैस सिलेंडर की कमी के कारण लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। हालात ऐसे हैं कि गैस गोदामों के बाहर लोग सुबह 3 बजे से ही लाइन लगाकर खड़े हो रहे हैं। सिलेंडर लेने के लिए 300 से ज्यादा लोग कतार में लगे दिखाई दे रहे हैं, जिसका वीडियो भी सामने आया है।
लाइन में खड़े कई लोगों का कहना है कि वे पिछले तीन दिनों से लगातार गोदाम के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उन्हें अब तक भरा हुआ गैस सिलेंडर नहीं मिल पाया है। कुछ लोग तो अपनी नौकरी से छुट्टी लेकर सिलेंडर लेने के लिए लाइन में लगे हैं। लंबी प्रतीक्षा के कारण लोगों के चेहरे पर नाराजगी साफ दिखाई दे रही है, हालांकि वे चुपचाप अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि लाइन में खड़े होने के बावजूद उन्हें यह भरोसा नहीं है कि आज उन्हें सिलेंडर मिल ही जाएगा, क्योंकि पिछले दिनों भी कई लोग घंटों इंतजार करने के बाद खाली हाथ लौट गए थे।
बताया जा रहा है कि मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच ईरान द्वारा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद किए जाने से एलपीजी आपूर्ति प्रभावित हुई है। इस बारे में पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की ज्वाइंट सेक्रेटरी (मार्केटिंग और ऑयल रिफाइनरी) सुजाता शर्मा ने गुरुवार को जानकारी दी थी। उन्होंने बताया कि भारत अपनी एलपीजी का लगभग 60 प्रतिशत आयात करता है और इसमें से करीब 90 प्रतिशत आपूर्ति होर्मुज स्ट्रेट के रास्ते आती है।
सुजाता शर्मा ने कहा कि मौजूदा स्थिति चुनौतीपूर्ण है, लेकिन सरकार घरेलू उपभोक्ताओं तक गैस की सप्लाई बनाए रखने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। इसके साथ ही एलपीजी पर निर्भरता कम करने और वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों पर भी काम किया जा रहा है।
वहीं पेट्रोल, डीजल और गैस की संभावित किल्लत से निपटने के लिए सरकार ने हाल ही में एक उच्चस्तरीय कमेटी का गठन किया है। गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में बनी इस कमेटी में विदेश मंत्री एस. जयशंकर और केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी भी शामिल हैं। यह कमेटी देश में पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति की निगरानी करेगी। हालांकि सरकार का कहना है कि देश में तेल और गैस का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और सप्लाई चेन में किसी तरह की बाधा नहीं है।







